केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर सीटू यूनियन नोहर द्वारा अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाया गया।

[नोहर तेज़ ]  केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर सीटू यूनियन नोहर द्वारा अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाया गया।
सीटू के कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह अनाज मंडी में एकत्रित हुये और यहां से रैली के रूप में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपखंड कर्यालय पहुंचे। उपखंड कार्यालय के आगे हुई सभा को सम्बोधित करते हुए सीटू राज्य कमेटी सदस्य रिद्धकरण कस्वां ने कहा कि मोदी सरकार ने वैजकोड बिल पारित करके 44 श्रम कानूनों को  खत्म करके मजदूरों का कॉरपोरेट घरानों द्वारा शोषण करने की खुली छूट दे दी है। अचानक 4 घण्टे के नोटिस पर किये गए लॉक डाउन से 14 करोड़ लोगों का रोजगार चला गया है। देश मे बेरोजगारी दर 27 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। ट्रेड यूनियन बनाने पर भी 1000 दिनों के लिए रोक लगा दी  है। इन सब मजदूरी फैसलों को मजदूर बर्दाश्त नहीं करेगा तथा इनके खिलाफ देशभर का मजदूर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
जिसकी शुुरुआत शुक्रवार प्रतिरोध दिवस मनाकर की जा रही है। सभा के बाद प्रतिनिधि मंडल ने उपखण्ड अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बेरोजगारी एवं महंगाई पर रोक लगाने, श्रम कानूनों में किये गए बदलाव वापिस लेने, न्यूनतम वेतन 21000 करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, सभी को सामाजिक सुरक्षा और 10000 पेंशन लागू करने, योजनकर्मी आंगनबाड़ी,आशा,साथिन,मिड डे मील वर्कर को नियमित करने,निजीकरण बन्द करने,ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण 15 दिन में लागू करने, एफडीआई पर रोक लगाने, सभी को 10 किलो अनाज ,दाल चावल तेल आदि राशन मुफ्त देने, मनरेगा में 200 दिन रोजगार देने और शहरी क्षेत्र में भी लागू करने, पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने कि मांग कि गई है। इस मौके पर रणवीर खिची, कालूराम सैनी, यूसुफ खान,रोहिताश रामसरा, अब्दुल खान,सुनील कुमार,प्रहलाद भूकरका, भंवर शाह,अब्दुल सत्तार आदि ने विचार रखे।