हाईकोर्ट से मोनिका खटोतिया को बड़ी राहत, नगर पालिका अध्यक्ष पद पर निलंबन बहाल — राजनीति में फिर गर्मी

हाईकोर्ट से मोनिका खटोतिया को बड़ी राहत, नगर पालिका अध्यक्ष पद पर निलंबन बहाल — राजनीति में फिर गर्मी
नोहर|नगर पालिका का अध्यक्ष पद एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका अध्यक्ष रही मोनिका खटोतिया को अध्यक्ष पद के निलंबन के मामले में हाई कोर्ट से राहत मिली है। चार पट्टे गलत जारी करने के आरोप में दूसरी बार पालिकाध्यक्ष पद से निलंबित मोनिका खटोतिया के मामले में अहम सुनवाई हाईकोर्ट में बुधवार को हुई। उच्च न्यायालय के सूत्रों के अनुसार विधि विभाग की ओर से न्यायिक जांच में लगातार दूसरी बार क्लीन चिट मिलने बाद मोनिका खटोतिया को पालिकाध्यक्ष पद से निलंबन बहाल कर दिया गया। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को लेकर पूरी स्थिति का पता हाइकोर्ट के फैसले की कॉपी हाइकोर्ट साइट पर अपलोड होने के बाद पता चलेगी।
बुधवार हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर न्यायाधीश पुष्पेंद्र भाटी की डीवी में बहस हुई। जिसमें दोनों पक्षों ने अपने तर्क न्यायालय में रखे। इसके बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए मोनिका खटोतिया का निलंबन बहाल किया। विधि विभाग की ओर से क्लीन चिट मिलने बाद इससे पहले भी खटोतिया को न्यायालय की ओर से राहत दी गई थी। लेकिन उसके बाद पुनः चार पट्टे कथित रूप से गलत बनाए जाने को लेकर खटोतिया निलंबित कर दिया गया। इसके बाद मोनिका खटोतिया ने स्वायत्त शासन विभाग के उक्त निर्णय को चुनौती देते हुए निलंबन बहाल करने की मांग उच्च न्यायालय से की। ज्ञात रहे कि 13 अगस्त 2024 को राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने तत्कालीन पालिकाध्यक्ष खटोतिया को पालिकाध्यक्ष से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने आदेश जारी कर 14 अगस्त 2024 को खातून टाक को पालिकाध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया था। तब से आज तक लगातार हाजन खातून टाक का कार्यकाल लगातार बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा खटोतिया पर लगे आरोपों की दो बार विधि विभाग से जांच करवाई गई। दोनों बार खटोतिया को क्लीन चीट मिली। जांच में एक भी आरोप खटोतिया पर प्रमाणित नहीं हो पाया। हाईकोर्ट से भी मोनिका खटोतिया को लगातार दूसरी बार राहत मिली है। न्यायालय के निर्णय की पूरी जानकारी फैसले की कॉपी साइट पर अपलोड होने के बाद ही पता चल सकेगी। निलंबन का यह मामला क्षेत्र में एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर नगर पालिका की राजनीति गरमा गई है।