जनजागृति रथ यात्रा नोहर क्षेत्र में पहुँची, जम्भाणी संस्कृति के संरक्षण का संदेश
नोहर, 07 दिसंबर।
श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था राजस्थान द्वारा संचालित बिश्नोई समाज सुधार एवं जनजागृति रथ यात्रा रविवार को नोहर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुँची। रथ यात्रा का स्वागत पिचकराई के चक 7–9 आरपीएम स्थित जंभेश्वर मंदिर परिसर में ग्रामीणों द्वारा तिलक, माल्यार्पण और पुष्पवर्षा के साथ किया गया। मंदिर समिति प्रधान चंद्रप्रकाश कड़वासरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों ने अतिथियों का भावनापूर्ण स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रामरतन बिश्नोई ने समाज में जम्भाणी ज्ञान और संगीत के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि “हर घर जागण—एक जागण” की परंपरा को दोबारा जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बालक-बालिकाओं के संस्कार और सांस्कृतिक शिक्षण के लिए हर रविवार एक घंटे की जम्भवाणी संस्कार क्लास शुरू की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने महंगे और ठेकेदार-आधारित आयोजनों को अनुचित बताते हुए श्रद्धा-पूर्वक साखी, आरती और अगली सुबह हवन करके जागरण करने की बात कही।
हनुमानगढ़ सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धर्मपाल थालौड़ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाज में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा समाज की सबसे बड़ी कुरीति है, जिसे मिल-जुलकर खत्म करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नशे से पूरी तरह दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया।
रथ यात्रा इसके बाद रामसरा गांव पहुंची, जहां बस अड्डे पर ग्रामीणों ने फूल बरसाकर अतिथियों का स्वागत किया। समाजसेवी रोहताश बिश्नोई ने रथ प्रभारी रामरतन बिश्नोई, प्रदेश मंत्री अनिल बिश्नोई, राजेंद्र तरड़ और संजय सिहाग को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मोहित बिश्नोई, पूजा रानी, जेतल बिश्नोई, कौशल्या बिश्नोई, मुकेश बिश्नोई सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
रथ यात्रा के माध्यम से नशा-मुक्त समाज, जम्भाणी ज्ञान का प्रसार, संस्कारयुक्त युवा पीढ़ी तथा धार्मिक-सामाजिक जागृति को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।

