क्षेत्र की विभिन्न गोशालाओं में गुरुवार को गोपाष्टमी पर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालु महिला व पुरुषों सहित बच्चो की गोशालाओं में भीड़ रही। गोशालाओं में श्रद्धालुओं ने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना कर गुड़, हरा चारा गोमाता को खिलाया। इस मौके पर लोगों ने अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार गोशालाओं में आर्थिक सहयोग भी दिया। कस्बे के श्री गोशाला नोहर में गोपाष्टमी पर विभिन्न कार्यक्रम हुए। इसमें गोपूजन व गो फेरी का आयोजन किया गया। गोशाला परिसर में गो माता की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कस्बे में वार्ड वाइज गो परिक्रमा निकाली गई। जिन वार्डों में गो परिक्रमा पहुंची। वहां श्रद्धालुओं ने गोपूजन कर गुड़, हरा चारा, वस्त्र व आर्थिक सहयोग गोशाला का भेंट किया। इसके बाद गोशाला प्रांगण में विभिन्न कार्यक्रम हुए। इसमें रंगोली, महेंदी, प्रश्नमंच, श्रीराधा-कृष्ण की सचेतन झांकियां, सम्मान समारोह, वार्षिक अधिवेशन व प्रवचन कार्यक्रम हुए।
प्रवचन कार्यक्रम में स्वामी श्रीधरानंद सरस्वती महाराज बीकानेर व भारत माता आश्रम के महंत योगी रामनाथ अवधूत ने भाग लेकर गोसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गो सेवा का धार्मिक, आध्यात्मिक महत्व है। गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। गो सेवा से धन, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है। गोसेवा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। स्वामी श्री धरानंद सरस्वती महाराज ने नोहर गोशाला की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमें गोसेवा के जुड़े कार्यों में सदैव आगे रहना चाहिए। वार्षिक अधिवेशन में गोशाला अध्यक्ष एडवोकेट बाबूलाल चाचाण ने गोशाला में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए सभी का आभार जताया। गोशाला सचिव आनंद कंदोई ने वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में गोशाला पदाधिकारियों के अलावा सदस्य व नागरिक मौजूद रहे। इस मौके पर राजकुमार रानियांवाला, धनराज बंसल, डॉ.चन्द्र सुथार, एड. संतलाल तिवारी, एड. अनीश सर्राफ, हनुमान प्रसाद व्यास, चौथमल पारीक, मनोज मिश्रा, पवन हिसारिया श्रवण पारीक और नंदलाल पारीक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

