स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जल संकट बना हुआ है और कई परिवारों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद टंकी से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहना चिंता का विषय है। लोगों ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ओवरफ्लो होने वाला पानी पार्क परिसर में पहुंचने से वहां की मिट्टी कटाव का शिकार हो रही है तथा पार्क की सुंदरता और संरचना को भी नुकसान पहुंच रहा है। नागरिकों का कहना है कि एक तरफ सरकार जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ विभागीय लापरवाही के कारण बहुमूल्य पेयजल बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि टंकी की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए, पानी की बर्बादी रोकी जाए तथा पार्क को हुए नुकसान की भरपाई कर आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

