: पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर उनके सबसे खास आठ विधायकों की बैठक हुई है।
पायलट के खास माने जाने वाले युवा नेता और परबतसर विधायक राम निवास गावड़िया, विश्ववेंद्र सिंह, पीआर मीणा और मुकेश कुमार जैसे नेता शामिल हैं।
जयपुर - जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने के साथ ही राजस्थान का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की राजनीति अब पूरी तरह एक्टिव दिखाई दे रही है। इसकी बानगी गुरुवार को भी देखने को मिली। जानकारी मिली है कि सचिन पायलट के सिविल लाइन स्थित उनके सरकारी आवास पर उनके सबसे खास आठ विधायकों की बैठक हुई है। इसमें पायलट के खास माने जाने वाले युवा नेता और परबतसर विधायक राम निवास गावड़िया, विश्ववेंद्र सिंह, पीआर मीणा, मुकेश कुमार जैसे नेता शामिल हुए हैं। लिहाजा अब सियासी हलकों में चर्चा का बाजार गर्म है। इस बैठक ने सचिन पायलट के बीजेपी में शामिल होने कीअटकलों को भी तेज कर दिया है।
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सचिन पायलट की नाराज फिर सामने आई
आपको बता दें कि यह बैठक क्यों बुलाई गई है, फिलहाल इस पर संशय बना हुआ है। लेकिन इसके राजनीतिक मायने जरूर दिखाई दे रहे है। जानकारों का कहना है कि सचिन पायलट के घर पर हो रही आठ विधायकों की यह बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि हाल ही सचिन पायलट पार्टी नेतृत्व से सुलह कमेटी की ओर से मुद्दे ना सुलझाने को लेकर नाराजगी जताई थी। ऐसे में कहा जा रहा है कि सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अभी भी नाराज चल रहे हैं।
राजेश पायलट की पुण्यतिथि की तैयारियां भी तेज
जानकारी यह भी मिल रही है कि 11 जून को राजेश पायलट की पुण्यतिथि को लेकर सचिन पायलट की ओर से तैयारी चल रही है। लेकिन पुण्यतिथि की तैयारियों के साथ सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आ चुकी है। पायलट और उनके समर्थक विधायक पुण्यतिथि कार्यक्रम में अपना 'शक्तिप्रदर्शन' करेंगे, ताकि कांग्रेस नेतृत्व को नाराजगी से जुड़े संकेत दिए जा सके
गहलोत खेमा भी पूरी तरह अलर्ट
बड़ी बात यह भी है कि सचिन पायलट के साथ अब गहलोत खेमा भी पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। सीएम गहलोत के बेहद करीबी माने जाने वाले धमेंद्र राठौड़ ने हाल ही पायलट समर्थक विश्वेंद्र सिंह और पी आर मीणा के साथ मुलाकात की थी। कयास यह भी लगाए जा रहे है कि अब गहलोत सरकार की ओर से उन्हें डेमेज कंट्रोल के तहत पायलट खेमे को मंत्रिमण्डल में शामिल करने को लेकर कवायद तेज हो गई है

