95 दिनों से किसानों का चल रहा धरना मंगलवार को वात्र्ता में हुये लिखित समझौते के बाद स्थगित



95 दिनों से किसानों का चल रहा धरना मंगलवार को वात्र्ता में हुये लिखित समझौते के बाद स्थगित 
नोहर, 16 मार्च।  भगवान हैड पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले पिछलें 95 दिनों से किसानों का चल रहा धरना मंगलवार को वात्र्ता में हुये लिखित समझौते के बाद स्थगित हो गया। यहां तहसील कार्यालय में प्रशासनिक व सिंचाई अधिकारियों के साथ हुई वात्र्ता में 17 मांगो पर सहमति बनने के बाद किसानों ने आन्दोलन स्थगित करने कि घोषणा की। अधिकारियों ने किसानों को ज्यूस पिलाया। किसान विभिन्न मांगो को लेकर पिछलें 95 दिनों से भगवान हैड पर धरने पर बैठे थे। वात्र्ता में हरियाणा हैड क्षेत्र से नोहर फिडर नहर 332 क्यूसैक पानी लेने के लिये राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने, सीपी 4 पर पूरा पानी देने के लिये अधिशाषी अभियंता कि अध्यक्षता में कमेटी गठित करने और निरंतर मॉनिटरिंग करने, प्रत्येक हैड पर गेज पट्टी लगाने, हरियाणा क्षेत्र में क्षमता से अधिक पानी ले रहे मोघो कि जांच करवाने, सीपी 4 पर कनिष्ठ अभियंता कि नियुक्ति करने, सीपी 4 पर स्काडा सिस्टम शुरू करवाने, सभी नहरों व माईनरों के आऊट लेट कि जांच करवाने, नहरों कि सफाई करवाने, प्रस्तावित गेज पट्टी को शीघ्र करवाने, सीपी 4 पर नोहर फिडर का पूरा पानी लेने, नोहर फिडर का आगामी रेगुलेशन समाचार पत्रों में छपवाने, बकाया चकबंदी-किलाबंदी का कार्य शीघ्र पूरा करवाने आदि मांगो पर सहमति बनी। किसानों ने बताया कि तय सीमा में मांगो का निस्तारण नही हुआ तो आन्दोलन पुन: शुरू किया जाएगा। वात्र्ता में तहसीलदार ओमप्रकाश, नायब तहसीलदार ओम मीणा, भाजपा के प्रदेश मंत्री काशीराम गोदारा, किसान नेता सुरेन्द्र सिहाग, सिंचाई विभाग के कार्यवाहक अधिशाषी अभियंता मुकेश सिहाग, रावतसिंह, सतीश कटारिया, हंसराज सहु, राजसिंह, शंकरलाल सहित समिति के पदाधिकारी व किसान उपस्थित थे।