पुलिस और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक में बोली एसपी श्रीमती प्रीति जैन
हनुमानगढ़, 1 फरवरी। गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश एवं पुनर्स्थापना हेतु जिले में सोमवार 1 फरवरी से विशेष अभियान मिलाप-1 शुरू किया गया है। जो 28 फरवरी तक चलेगा। विशेष अभियान को लेकर पुलिस और अन्य संंबंधित विभागों के अधिकारियों की कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते हुए एसपी प्रीति जैन ने कहा कि जिले में गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश हेतु विशेष अभियान मिलाप-1 शुरू किया गया है। इसमें पुलिस और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी नाबालिग बच्चों की तलाश कर उनके परिवारजनों से मिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। एसपी ने कहा कि गुमशुदा बच्चों की तलाश हेतु प्रत्येक थाना स्तर पर टीम का गठन किया गया है जिसमें एक एसआई, एएसआई या हैड कांस्टेबल के साथ चार कांस्टेबल की नफरी शामिल की गई है। ये टीमें अभियान के दौरान सभी बच्चे जो शेल्टर होम, रेलवे प्लेटफॉर्म, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट, अनाथालय इत्यादि में निवास कर रहे हैं उनकी स्क्रीनिंग करे। स्क्रीनिंग के बाद यदि बच्चा गुमशुदा या मानव तस्करी की श्रेणी में पाया जाता है तो उसका पूर्ण विवरण फोटोग्राफ के साथ संधारित करें। साथ ही रेस्क्यूड बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी करवाया जाए। रेस्क्यूड बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही बच्चों का संपूर्ण विवरण मिसिंग चाइल्ड पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। ऐसे मामलों में बच्चों का विस्तृत नोट तैयार कर उनके माता पिता और गृह जिले का मालूम कर उस बच्चे को उसके माता पिता या परिजनों के साथ मिलाने का भरसक प्रयास किया जाए। साथ ही कहा कि ऐसे बच्चों की पुनर्स्थापना हेतु सभी संबंधित विभागों का सहयोग लिया जाए ताकि बच्चों की रि-विक्टीमाइजेशन की संभावना ना रहे। एसपी ने कहा कि गुमशुदा श्रेणी में पाए गए बच्चों के प्रकरण में मानव तस्करी के दृष्टिकोण से भी विस्तृत अनुसंधान किया जाए। यदि किसी संगठित गिरोह के बारे में जानकारी आती है तो इसकी सूचना तुरंत जिला मानव तस्करी यूनिट को दी जाए।
जिले में 1 से 28 फरवरी तक चलेगा ये विशेष अभियान
एसपी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार जिले में गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश एवं पुनर्स्थापना हेतु सोमवार 1 फरवरी से विशेष अभियान मिलाप-1 शुरू किया गया है। जो 28 फरवरी तक चलेगा। अभियान को लेकर गुमशुदा बच्चों की तलाश हेतु प्रत्येक थाना स्तर पर टीम का गठन किया गया है जिसमें एक एसआई, एएसआई या हैड कांस्टेबल के साथ चार कांस्टेबल की नफरी शामिल की गई है। पुलिस की टीम में ऐसे कार्यों में रूचि रखने वाले पुलिसकर्मियों को ही शामिल किया गया है। साथ ही उन्हें जेजे एक्ट, पोक्सो एक्ट व बाल अधिकारों के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है। इन टीमों में महिला एवं बाल विकास, एनजीओ के प्रतिनिधियों को बी सम्मिलित किया जा रहा है ताकि अभियान को व्यापक रूप दिया जा सके। बीट कांस्टेबल को भी बीट बुक में गुमशुदा बच्चों का मय फोटो के इंद्राज करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुमशुदा नाबालिग बच्चों को तलाश कर परिवारजनों से मिलाने में सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं- एसपी
बैठक में समाज कल्याण अधिकारी डॉ अभिषेक ने 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से ज्यादा के बच्चों, बुजुर्गों, मानसिक विमंदित, लाचार इत्यादि व्यक्तियों के मिलने पर की जाने वाली कार्यवाहियों के बारे में विस्तृत रूप से बताया। साथ ही जेजे एक्ट, पोक्सो एक्ट में होने वाली कार्रवाईयों को लेकर विस्तृत जानकारी दी। एडीश्नल एसपी श्री जस्साराम बोस ने कहा कि 1 से 28 फरवरी तक इस अभियान को गहनता के साथ चलाते हुए ठोस कार्रवाई करें ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में बच्चों को उनके परिजनों से मिला सकें। गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश हेतु विशेष अभियान मिलाप चलाने के निर्देश दिए हैं। पूरे राज्य में ये विशेष अभियान संबंधित पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में चलाया जाएगा।
बैठक में ये हुए शामिल-
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन, एडीश्नल एसपी जस्साराम बोस, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष बिमला डूडी, समाज कल्याण अधिकारी डॉ अभिषेक, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक प्रवेश सोलंकी, श्रम कल्याण अधिकारी अमरचंद लहरी, आईसीपीएस के एडी सुरेन्द्र पूनियां, सीओ रावतसर रणवीर सिंह मीणा, सीओ सिटी प्रशांत कौशिक, सीओ संगरिया दिनेश कुमार राजौरा, आरपीएस महेन्द्र सिंह राजवी, आरपीएस देवानंद,मानव तस्करी विरोधी यूनिट इंचार्ज इंस्पेक्टर इन्द्र चंद मीणा, भादरा थानाधिकारी कविता पूनियां, सीडब्ल्यूसी मेंबर देवकीनंदन, नवज्योति विकलांग कल्याण संस्थान के प्रिंसिपल बलवंत सिंह, एएसई गायत्री चौधरी समेत अन्य सभी थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

