लघुशंका के लिए उतरे चालक ने हैंड ब्रेक नहीं लगाई, कार लुढ़क कर नहर में गिरी, एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित 4 की मौत
टाउन थाना क्षेत्र में लखूवाली के पास मंगलवार देर रात एक कार नहर में गिरने से दंपती सहित चार जनों की मौत हो गई। कार चला रहा पांचवां साथी सुरक्षित है लेकिन घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई जिस पर उसे रावतसर सीएचसी में भर्ती कराया गया। वह लघुशंका के लिए नीचे उतरा था और हैंड ब्रेक नहीं लगाने से कार नहर में जा गिरी। मृतकों में एक पुरुष, दो महिला और एक बच्ची शामिल है। बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे नागरिक सुरक्षा की टीम और गोताखोरों ने कार सहित मृतकों के शवों को बाहर निकाला। चारों शव कार के अंदर ही मिले।
इस हादसे में संगरिया के रहने वाले विनोद अरोड़ा (45) पुत्र प्रेमनाथ, उसकी पत्नी रेणू (40), बेटी ईशिता (15) और एक महिला सुनीता भाटी (42) की मौत हो गई। बेटी को नीट की तैयारी के लिए कोचिंग के लिए सीकर छोड़ने गए थे। मृतक विनोद अरोड़ा संगरिया में ग्रामोत्थान विद्यापीठ संस्था के एसकेएम पब्लिक स्कूल में एलडीसी के पद पर सेवारत था जबकि उसकी पत्नी रेणू भी उसी स्कूल में टीचर थी। बच्ची भी इसी स्कूल के 10वीं क्लास में पढ़ रही थी। वह तीनों बड़ी बेटी दीया को कोचिंग के लिए सीकर छोड़ने गए थे। वहीं गांव फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में लेक्चरर संदीप भाटी निवासी नगराना हाल गोल्डन सिटी कॉलोनी जंक्शन की पत्नी सुनीता अपने बेटे एकलव्य व बेटी काजल के पास सीकर में रहती थीं और वह हनुमानगढ़ में रहने वाले अपने पति संदीप भाटी से मिलने के लिए विनोद के परिवार के साथ आ रही थी। कार चला रहा रमेश भी पहले उसी स्कूल में एलडीसी था और वर्तमान में पंचायतीराज कर्मी है। टाउन पुलिस ने इस संबंध में रमेश कुमार की सूचना पर मर्ग दर्ज कर मृतकों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए जिनका संगरिया में गमगीन माहौल में दाह संस्कार किया गया।
इससे पहले एसपी प्रीति जैन ने घटनास्थल पर चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। इस दौरान सीओ सिटी प्रशांत कौशिक, टाउन सीआई लक्ष्मणसिंह राठौड़, लखूवाली चौकी स्टाफ एवं नागरिक सुरक्षा टीम को आवश्यक निर्देश दिए।
ये इंदिरागांधी नहर का लखूवाली पुल है। कार रावतसर की तरफ से हनुमानगढ़ आ रही थी। लघुशंका होने पर लखूवाली के पास चालक ने कार रोकी तो उसके साथ आगे की सीट पर बैठे विनोद ने कहा कि हाइवे है, गाड़ी साइड पर लगा दो जिस पर चालक ने सड़क के किनारे लगा दी और लघुशंका के लिए चला गया।
लघुशंका से निवृत्त होने के बाद कार की तरफ जाने लगा तो देखा कि नहर की पटरी पर खड़ी कार अचानक इसी ढलान से नहर की तरफ चलने लगी। चालक के देखते-देखते ही कार नहर की तरफ चली गई। चालक यह दृश्य देखता रहा और कार नहर में चली गई।

नहर
की दिशा में खड़ी कार इसी जगह से नहर में गिर गई। कार का चालक कुछ नहीं कर
पाया और उसके हाथ-पांव कांप गए। कार नहर में गिरने से विनोद कुमार, उनकी
पत्नी रेणू, बेटी ईशा और परिचित सुनीता भाटी नहर में बह गए।
फोन पर चिल्लाती रही पत्नी, कार नहर में समा गई : अंतिम कॉल में सुनीता ने पति को बताया-कार नहर में गिर गई है, 15 मिनट तक फोन चला फिर स्विच ऑफ हो गया
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना के वक्त सुनीता भाटी ने अपने पति को अंतिम कॉल की थी। इस दौरान गाड़ी लुढ़क कर नहर में चली गई। करीब 15 मिनट तक सुनीता का फोन चालू रहा। उसने फोन पर पति को बताया कि हमारी गाड़ी नहर में गिर गई है, जिसके बाद चिल्लाने की आवाजें आने लगी। सभी मदद के लिए चिल्लाते रहे।
विनोद अरोड़ा के फोन पर भी करीब 15 मिनट तक घंटियां जा रही थी। इसके बाद सब कुछ शांत हो गया और सभी के फोन बंद हो गए। मृतक सुनीता भाटी का पति संदीप भी संगरिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ में लेक्चरर हैं।
सुनीता भाटी दोनों बेटों के साथ सीकर ही रहती थी जो विनोद अरोड़ा की गाड़ी में सीट खाली होने के कारण उनके साथ आ रही थी। सुनीता अपने पति संदीप को सरप्राइज देना चाहती थी इसलिए उसे बिना बताए कार में लौट रही थी। ऐसे में जब संदीप ने पत्नी ने जब कहा कि कार नहर में गिर गई है तो वह एक बार तो भौचक्क रह गया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त गाड़ी में तीन लोग सो रहे थे। सिर्फ सुनीता ही जागी हुई थी। अचानक गाड़ी नहर में जाने से वो संभल नहीं पाई जिससे सभी की मौत हो गई।
बेटी के सिर पर नहीं रहा माता-पिता का साया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
संगरिया के परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद एक बेटी दीया ही बची है। दीया को छोड़ने के लिए ही विनोद अपनी पत्नी व छोटी बेटी के साथ सीकर गया था। मौत की खबर के बाद से संगरिया में शोक पसर गया। विनोद अरोड़ा के परिवार के तीनों सदस्यों का संगरिया जबकि सुनीता भाटी का गांव नगराना में दाह संस्कार किया गया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान कांग्रेस नेत्री शबनम गोदारा व भाजपा नेत्री गुलाब सिंवर सहित संगरिया से काफी लोग यहां पहुंचे।
एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही नागरिक सुरक्षा टीम और गोताखोरों ने निकाली कार
नागरिक सुरक्षा आपदा प्रबंधन की टीम और गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत से हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नहर में गिरी कार और मृतकों के शव बाहर निकाले। इसमें नागरिक सुरक्षा टीम के संदीप कुमार, राहुल मिश्रा, मनोज गोदारा, सतपाल सिंह, बलकरण सिंह, सुखचरण सिंह अक्कू,जगदीश कुमार, ओमप्रकाश, मुन्नासिंह आदि टीम में शामिल थे।
इससे पहले चालक रमेश ने घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना पुलिस को दी थी जिस पर लखूवाली चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। देर रात गोताखोर बुला रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया लेकिन संसाधनों के अभाव में तलाश नहीं हो पाई। सुबह बीकानेर से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया लेकिन टीम के नहर पर पहुंचने से पहले ही कार को निकाल लिया गया।
सच्चाई पर उठता सवाल; कार नहर से निकाली तो 3 नंबर गियर लगा था, कार आगे चली कैसे
कार नहर की ढलान पर क्यों खड़ी की गई और हैंड ब्रेक क्यों नहीं लगाया गया इस बिंदु पर जांच-पड़ताल कर रही है। हालांकि चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि हैंड ब्रेक लगाना भूल गया था। नागरिक सुरक्षा की टीम की मदद से जब कार को नहर से बाहर निकाला गया तो हैंड ब्रेक नहीं लगी हुई थी। तीन नंबर गियर लगा हुआ था। पुलिस का मानना है कि गाड़ी के नहर में उतरने के बाद पीछे की सीट पर बैठे तीन जनों में से एक जना आगे की तरफ आ गया जिससे हो सकता है कि गियर पर दबाव आने से तीन नंबर गियर लग गया होगा। ऐसे में पुलिस इस बिंदु पर चालक रमेश से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने चालक की ओर से लघुशंका करने के स्थान को देखा तो वहां पेशाब किया हुआ था। सीओ सिटी प्रशांत कौशिक ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। मृतकों के परिजनों को बुलाकर भी पूछताछ की जाएगी।
एसपी-सुरक्षा दृष्टि से नहर पर दीवार बनाने के लिए विभाग को पत्र लिखेंगे
एसपी प्रीति जैन का कहना है कि नहर पर हुई घटना दुखद है। सुरक्षा की दृष्टि से नहर पटड़ी पर दीवार बनाने और करीब 2 से 3 फुट ऊंची ठोकर बनाने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटना से बचाव हो सके।



