कृषि कानूनों के विरोध में 22 फरवरी को नोहर में किसानों का महासम्मेलन आयोजित

नोहर, 17 फरवरी।  कृषि कानूनों के विरोध में 22 फरवरी को नोहर में किसानों का महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा।


महासम्मेलन को लेकर तैयारियां जौर-शौर कि जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आयोजित होने वाले इस महासम्मेलन को सफल बनाने के लिये अलग-अलग टीमें निरंतर गांवों में जनसम्पर्क कर रही है। बुधवार को महासम्मेलन के सह संयोजक पंचायत समिति प्रधान सोहन ढि़ल ने क्षेत्र के गांव सोनड़ी,, मालिया, असरजाना, बिरकाली, ननाऊ, मुंसरी, न्योलखी सहित दर्जनों गांवों में जनसम्पर्क कर किसानों से अधिक से अधिक संख्या में 22 फरवरी को नोहर पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर सोहन ढि़ल ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर पूरे देश के किसानों में रौष है। मगर केन्द्र कि भाजपा सरकार हठधर्मिता धारण किये हुये है।

इसके अलावा महासम्मेलन के संयोजक कॉमरेड मंगेज चौधरी ने पदाधिकारियों के साथ अनेक गांवों में दौरा कर किसानों को महासम्मेलन में पहुंचने का न्यौता दिया। इस मौके पर मंगेज चौधरी ने बताया कि किसानों का यह महासम्मेलन नोहर क्षेत्र के इतिहास का सबसे ऐतिहासिक सम्मेलन होगा। संयोजक मंगेज चौधरी व सह संयोजक सोहन ढि़ल ने बताया कि इस महासम्मेलन में किसान नेता राकेश टिकेत के अलावा गायकार कंवर ग्रेवाल, किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम,जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील सहित अनेक किसान नेता भाग लेगें। उन्होंने बताया कि महासम्मेलन में नोहर के अलावा भादरा, पल्लू आदि स्थानों ने किसान भाग लेगें। उन्होंने बताया कि महासम्मेलन 22 फरवरी को दोपहर 2 बजे एनडीबी कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जबरदस्ती लागू किये गये तीनों कृषि कानूनों को लेकर किसानों में भारी रौष है।