शादी में वर पक्ष ने दहेज को ना करते हुए मात्र एक रुपया व नारीयल शगुन के रूप में स्वीकार किया
नोहर, 5 दिसम्बर। समाज में फैली दहेज प्रथा को समाप्त करने कि दिशा में अब समाज में जागृति आने लगी है। अब युवाओं के साथ-साथ उनके परिवारजन दहेज प्रथा को बंद करने कि दिशा में पहल अपने-अपने घरो से ही करने लगे है। जो देश व समाज के लिए सुखद सन्देश है। कस्बें के सेक्टर नं. 5 निवासी सेवानिवृत रसद अधिकारी देवीराम थोरी के पौत्र व प्रधानाचार्य शैलेन्द्र थोरी के पुत्र नरेश कि शादी गांव जमाल निवासी भूपसिंह पचार कि पुत्री मीरा के साथ हुई। इस शादी में वर पक्ष ने दहेज को ना करते हुए मात्र एक रुपया व नारीयल शगुन के रूप में स्वीकार किया। वर पक्ष के इस निर्णय कि विवाह समारोह में आये रिश्तेदारो ने जमकर सराहना की। देवीराम थोरी व शैलेन्द्र थोरी ने बताया कि दहेज जैसी कुप्रथा ने हमारे समाज में जड़े जमा रखी है। इसे समाप्त करने के लिए हम सबको पहले अपने घरो से ही करनी होगी। तभी देश व समाज के विकास में बाधक बनी कुरितियों को मिटाया जा सकता है।


