किसानो का आमरण अनशन दसवे दिन भी जारी 14 दिसंबर को करेंगे अनिश्चितकालीन चक्का-जाम
नोहर, 7 दिसम्बर। किसान संघर्ष समिति रासलाना वितरिका टेल के बैनर तले नोहर-जयपुर मार्ग पर रायसिंहपुरा माईनर पर किसानों द्वारा चलाया जा रहा आमरण अनशन सोमवार को 10वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को आमरण अनशन स्थल पर सरपंच शांतिदेवी बैनीवाल की अध्यक्षता में किसानों कि महापंचायत हुई। महापंचायत में किसानों ने चरणबद्ध रूप से आन्दोलन तेज करने का निर्णय लिया। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि 11 दिसम्बर तक रेगुलेशन निर्धारित कर रासलाना वितरिका के टेल के किसानों को सिंचाई पानी नही दिया गया तो नोहर-जयपुर मार्ग पर 14 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन चक्का-जाम किया जाएगा। महापंचायत में विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर रौष जताया कि किसान पिछलें दस दिनों से इस कडक़ड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे आमरण अनशन पर बैठे है। मगर प्रशासन व सरकार हठधर्मिता धारण किये हुये है। उन्होंने कहा कि किसानों के धैर्य के परीक्षा न ले। जब तक टैल के किसानों को आठ दिन तक सिंचाई पानी नही मिलेगा तब तक कोई वात्र्ता नही कि जाएगी। वक्ताओं ने सरकार व प्रशासन पर चकबंदी व किलाबंदी को लेकर ढुलमूल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चकबंदी व किलाबंदी नही होना ही समस्या कि मूल जड़ है। समिति के अध्यक्ष कृष्णलाल सहारण ने बताया कि किसान अबकी बार आर-पार कि लड़ाई लडऩे का मन बना चुके है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई पानी जीवन-मरण का प्रश्र है। जिसके लिए किसान हर लड़ाई लडऩे को तैयार है। उन्होंने आन्दोलन को गैर राजनैतिक बताते हुए किसानों से सहयोग का आह्वान किया। सोमवार को पुलिस ने दो अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट होने के कारण चिकित्सालय में भर्ती कराने का प्रयास किया तो किसानों ने इसका विरोध किया और चिकित्सालय में भर्ती नही कराने दिया।
महापंचायत को इन्होने ने किया सम्बोधित
महापंचायत में भाजपा नेता काशीराम गोदारा, करनेल सहारण, कुलदीप सहू,आत्मप्रकाश मेघवाल,प्रताप सहारण, देवीलाल रोहिल्ला, सुभाष डूडी, अमरसिंह खाती, सत्यम वर्मा, मनीराम सहारण, राजाराम बेनीवाल, रामगोपाल सहू ,बनवारी कस्वा, मोतीराम शर्मा, इंद्र सहारण, श्योपत गोदारा, हंसराज बैनीवाल, प्रताप महरिया, सवाईसिंह राजपूत, लक्ष्मीनारायण बेनीवाल, वेदप्रकाश सहारण, जगदीश गोदारा आदि ने संबोधित किया। उधर रविवार को पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया एवं पूर्व प्रधान अमरसिंह पूनियां ने अनशन स्थल पर पंहुचकर आंदोलन को समर्थन दिया।




