झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

 एक शख्स की ओर से बगैर किसी डिग्रीधारी चिकित्सक की नियुक्ति के हॉस्पिटल संचालित कर स्वयं ऐलोपैथिक पद्धति के जरिए इलाज के नाम पर लोगों को गुमराह करने का मामला सामने आया है। इस सम्बन्ध में जिले के नोहर पुलिस थाने में एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है।


पुलिस के अनुसार नोहर के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार (48) पुत्र जयलाल कड़वासरा निवासी वार्ड नम्बर 23 नोहर ने मामला दर्ज करवाते हुए बताया कि उन्होंने 9 नवंबर को औषधि नियंत्रण अधिकारी हनुमानगढ़ व टीम के साथ कृष्ण कुमार पुत्र ऋषि कुमार निवासी गांव मलवानी की ओर से संचालित हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। मौके पर मौजूद कृष्ण कुमार की ओर से स्वयं हॉस्पिटल का संचालन किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान दस्तावेज मांगे जाने पर कृष्ण कुमार हॉस्पिटल का कोई पंजीयन-रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत नहीं कर पाया।

साथ ही बताया कि हॉस्पीटल में कोई चिकित्सक नियुक्त नहीं है। न ही किसी चिकित्सक का अनुबन्ध है। कृष्ण कुमार की ओर से बिना किसी चिकित्सक अनुबन्ध-नियुक्ति के हॉस्पिटल का संचालन कर बिना वैध योग्यता के ऐलोपैथिक पद्धति के जरिए चिकित्सा अभ्यास का कार्य किया जा रहा था। स्वयं के व्यक्तिगत लाभ के लिए लोगों को गुमराह किया जा रहा था। हॉस्पिटल में मरीज देखने, उपचार करने संबंधित कार्य किए जा रहे थे।

निरीक्षण दल की ओर से मौके पर बरामद ऐलोपैथिक दवाएं भी जब्त की गई। पुलिस ने बिना वैध लाइसेंस हॉस्पिटल संचालित कर लोगों के साथ धोखा करने के आरोप में आईपीसी की धारा 420 व भारतीय चिकित्सक परिषद अधिनियम 1956 की धारा 15(2) एवं भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद अधिनियम 1970 की धारा 17(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई राजूराम कर रहे हैं।