नेकी की दिवार की शुरुआत

नोहर आमतौर पर जिस चीज़ की हमें जरुरत नहीं होती उसे हम लोग या तो फेंक देते हैं या वह चीज़ रखे-रखे ही ख़राब हो जाती है मगर हरिभूमि कल्याण सेवा समिती फेफाना की और से नोहर में रेलवे स्टेशन गेट के पास एक नई पहल की गई है जिसके माध्यम से आप अपनी अनुपयोगी वस्तुओं को जरूरतमंद तक पहुंचा सकते हैं। एक ऐसी मुहीम जिसमें ईंट से बनी दीवार लोगों को जोड़ने का काम कर रही है और मदद करने के लिए प्रेरित कर रही है। ‘नेकी की दीवार’ कही जाने वाली इस दीवार को खूबसूरती से सजाया गया है | 


गांव फेफाना के लोगो ने बताया कि अब यहाँ लोग स्वस्फूर्त आकर जरुरतमंदो के लिए सामान छोड़ने का काम करेंगे |अगर आपके घर में पुराने पहनने, ओढ़ने, बिछाने के कपड़े, किताबें, खिलौने, बर्तन, फर्नीचर आदि जो भी है, जिसका आप प्रयोग नहीं कर रहे हैं और वह शहर के जरूरतमंदों के काम आ सकता है तो आप उक्त सामान को ‘नेकी की दीवार’ पर आकर छोड़ सकते हैं। यहाँ से जरूरतमंद आकर खुद इन्हें ले जाएंगे।


इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि किसी भी गरीब या ज़रूरतमंद इंसान को किसी के आगे हाथ फैलाकर शर्मिंदा नहीं होना पड़ता। इस दिवार पर आकर कोई भी बेझिझक अपनी ज़रूरत का सामान ले जा सकता है। इस पहल की शुरुआत पर एक नेकी की दीवार बनाई गई है इस दौरान संस्था के संचालक ने बताया कि आज के इस दौर में जहा लोग स्वार्थी होते जा रहे हैं, जहाँ हर काम के लिए लोगों को नाम की चाह होती है उस बीच दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो जरुरतमंदो के लिए निःस्वार्थ भाव से नेकी की दीवार में सामान छोड़ जाने का काम करेंगे | वही जरूरतमंत को बस इतना पता चलता है कि कोई इंसान जिसके अंदर दया का भाव है, जो इंसानियत को समझता है उसने यह नेक काम किया है। ठण्ड के मौसम में कोई फरिश्ता बन कम्बल,चप्पल और जूते रखकर चला जाता है।