श्रीगंगानगर, 27 नवम्बर। पुलिस विभाग के आप्रेशन प्रहार एवं भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिला कलक्टर महावीर प्रसाद वर्मा एवं जिला पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त के मार्गदर्शन में पुलिस थाना घमूङवाली के माध्यम से राजकीय उच्च माध्यमिक विधालय बींझबायला मे नशा मुक्ति शिविर का शुक्रवार को आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नशा मुक्ति विशेषज्ञ डाक्टर रविकान्त गोयल ने मुख्य वक्ता के रुप मे विधार्थियों व ग्रामवासियों को कहा कि नशे का सेवन मुसीबतों को बुलाना है। नशा करने वाला धीरे-धीरे इसका आदी हो जाता है तथा नशे के सिवा कुछ नही सूझता है। नशा पाने के लिये उचित-अनुचित कार्य व अपराध तक कर बैठता है, जिसका परिणाम उसके साथ-साथ परिवार समाज को भुगतना पङता है। डाक्टर गोयल ने नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशें से बचने, नशा छुङाने की जानकारी देते हुए उपस्थित जनसमूह को जीवन भर नशा न करने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुरेन्द्र सिह राठौड़ आरपीएस वृताधिकारी श्रीकरणपुर ने छात्रा- छात्राओं व ग्रामवासियों से कहा कि युवाओं द्वारा अक्सर नशे का प्रयोग आनंद प्राप्त करने, चिंताओं को मिटाने आदि कारणों से किया जाता है। जो वास्तव मे पीडा, असफलता, अपयश, बर्बादी का कारण बनता है। इसलिये नशे से दूर रहने मे ही मानव की भलाई है। कार्यक्रम मे पुलिस थाना घमूङवाली के थानाधिकारी करतारसिंह ने कहा कि समाज मे फैले नशे को मिटाने के लिए पुलिस निरंतर प्रयास कर रही है। आमजन को भी इस नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज को नशा मुक्त करने मे सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर सरपंच साधूराम ने कहा कि नशे को मिटाने के लिये गांव के हर व्यक्ति को आगे आकर अपने घर मोहल्ले को नशे के बंधन से आजाद करना होगा, तभी हम आगे बढ पाएंगे।

