संविधान सप्ताह के तहत तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं एडीजे नं. 2 पवन कुमार वर्मा द्वारा ऑनलाईन कॉन्फ्रेस आयोजित कि

 नोहर, 26 नवम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर जिले में जिला सेवा प्राधिकरण हनुमानगढ़ द्वारा गुरूवार से 2 दिसम्बर तक मनाये जा रहे संविधान सप्ताह के तहत तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं एडीजे नं. 2 पवन कुमार वर्मा  द्वारा एक ऑनलाईन कॉन्फ्रेस आयोजित कि गई।


जिसमें स्थानीय बार संघ के अधिवक्ता, पीएलवी व अनेक लोगो ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूआत में संविधान की आत्मा उसकी प्रस्तावना को पढ़ते हुए एडीजे पवन कुमार वर्मा ने उसके महत्व व उसके मर्म को विस्तार से समझाया। एडीजे वर्मा ने बताया कि बिना कर्तव्य के कोई भी अधिकार मायने नही रखते है। इसलिए सन् 1976 में संविधान के 42वें संशोधन से अनुच्छेद 51 क को अंत: स्थापित कर नागरिकों के कर्तव्य जोड़े गये। जिनमें उन समस्त आदर्शो को शामिल किया गया जो एक सभ्य समाज में रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक हो। सरकारे बहुमत से चलती है लेकिन संविधान बहुमत से नही बल्कि दृढ़ संकल्प से शक्ति प्राप्त करता है। भारत का संविधान विश्व के सभी संविधानों में से श्रेष्ठतम माना जाता है।

जिसकी मूल प्रति टंकित नही होकर हस्तलिपि में थी। जो आज भी भारत सरकार के यहां सुरक्षित रखी हुई है। कार्यक्रम में प्रस्तावना के साथ-साथ मूल कर्तव्यों को भी पढ़ा गया तथा संकल्प लिया गया कि हम इन कर्तव्यों का पूर्णत: पालन करेगें। इस ऑनलाईन कार्यक्रम में बार संघ के अधिवक्ताओं ने संविधान दिवस के संबंध में अपने विचार रखे। अंत में कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार व्यक्त किया गया।