राज्य कर्मियों के वेतन से अनवरत कटौती के विरोध में आदेशों की प्रतिया जलाकर रौष प्रकट किया

नोहर, 9 सितंबर। राज्य कर्मियों के वेतन से अनवरत कटौती के विरोध में बुधवार को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के उपशाखा अध्यक्ष चरणसिंह सिराव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा व राज्य सरकार के वेतन कटौती संबंधी पारित निर्णयों के आदेशों की प्रतिया जलाकर अपना रौष प्रकट किया। भेजे गये  ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के परिपेक्ष में राज्य कर्मियों के वेतन से एक व दो दिन का वेतन अनवरत काटने का निर्णय लिया गया है। जिससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश व असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में राज्य सरकार के इस निर्णय को कर्मचारी विरोधी, अनुचित व असवैधानिक बताते हुए निर्णय पर पुन: विचार करने एवं कर्मचारियों पर लगाये गये आर्थिक प्रतिबंधो को बहाल करने की मांग की। इस मौके पर उपशाखा महामंत्री शंकरलाल सैनी, अमरसिंह सहारण, हनुमान मंडा, विनोद बिजारणीया, सुखदेवसिंह, महेश ढि़ल, राजेन्द्र नायक, रामकिशन, सलीम शेख आदि उपस्थित थे। इसके अलावा विधुत निगमों के अभियंताओं व कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह कटौती किये जाने के विरोध में एवं मार्च 2020 का स्थगित वेतन अब तक नही दिये जाने के विरोध में यहां विधुत निगम कार्यालय में बुधवार को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया। इस मौके पर निगम के नियंत्रण अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व निगम प्रबंधन को ज्ञापन भी भेजा। इसके अलावा वेतन कटौती के विरोध में राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ द्वारा शुरू किये गये चरणबद्ध आन्दोलन के तहत बुधवार को यहां नोहर पंचायत समिति के आगे वेतन कटौती आदेशों की होली जलाई गई। संघ के तहसील अध्यक्ष बनवारी सुथार ने बताया कि वेतन कटौती के विरोध में 2 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में आन्दोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर अनेक ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।