श्रीगंगानगर ( नरेश पारीक) भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज द्वारा उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए राजकीय चिकित्सालय में जयको लंगर सेवा समिति द्वारा संचालित माँ अन्नपूर्णा रसोई घर के सेवादारों, पदाधिकारियों व सदस्यों का सम्मान किया गया। जिलाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने बताया कि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज राष्ट्रीय संचालक वीरश्रेष्ठ मदन सिरसवाल तथा प्रान्तीय कन्वीनर बिरजू द्राविड़ के नेतृत्व में राजकीय चिकित्सालय परिसर स्थित माँ अन्नपूर्णा रसोई घर में आयोजित कार्यक्रम में जयको लंगर सेवा समिति अध्यक्ष महेश गोयल, नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रविन्द्र शर्मा, सीए पवन अग्रवाल, लैबोरेट्री टैक्नीशियन एसोसिएशन जिलाध्यक्ष रामबिहारी शर्मा सहित पदाधिकारियों, सदस्यों व सेवादारों को फूलमालायें, गुलदस्ता, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने माँ अन्नपूर्णा रसोई घर द्वारा राजकीय चिकित्सालय में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए निरन्तर की जा रही उत्कृष्ट सेवाओं की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि जयको लंगर सेवा समिति द्वारा नाममात्र की दरों पर चाय-नाश्ता व भोजन सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।
जयको लंगर सेवा समिति अध्यक्ष महेश गोयल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2012 से निरन्तर राजकीय चिकित्सालय के मरीजों व परिजनों की सेवा की जा रही है। शहर की सामाजिक संस्थाओं व समाजसेवियों द्वारा समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित कर चाय-नाश्ते-भोजन की सेवा की जाती है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रशासन द्वारा समिति को 17 वार्डों में भोजन वितरण की सेवा प्रदान की गई थी, जिस पर समिति के सेवादारों द्वारा जरूरतमंदों को एक लाख से अधिक भोजन पैकेट नि:शुल्क वितरित किए गए थे। उन्होंने सम्मान के लिए भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए बालाजी महाराज की मूर्ति भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल, प्रान्तीय कन्वीनर बिरजू द्राविड़, जिलाध्यक्ष अनिल धारीवाल, सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि, जिलाध्यक्ष दीपक चांवरिया, सुरेश लोट, राकेश उज्जीनवाल, रमेश बंसल, बंटी भाटिया वाल्मीकि, प्रिंसीपल भगवान दास, विनोद वाल्मीकि, सोनू वाल्मीकि, जितेन्द्र चौहान, विजय डुलगच, विक्की वाल्मीकि, राजेन्द्र सारसर, विजय चांवरिया, सुखवीर धारीवाल, शिवा वाल्मीकिन, वरूण सिरसवाल, सहित भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा वाल्मीकि समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

