{नोहर तेज़ } क्षेत्र में टिड्डियों का प्रकोप जारी है। बड़ी संख्या में क्षेत्र पर मंडराते टिड्डी दल ने किसानों कि नींदे उड़ा दी है। किसानों के लिए आफत बनकर आई टिड्डी जाने का नाम नही ले रही है। क्षेत्र में टिड्डी का प्रकोप इस कदर हावी है कि जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन दो दिनों में दूसरी बार टिड्डी प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे। जिला कलेक्टर ने भूकरका के अलावा रामगढ़ गांव में खेतों में जाकर मौके कि स्थिति देखी।
इस मौके पर जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से भी बात की। उधर बीति रात्रि को क्षेत्र के गांव 3बीकेके, 4 बीकेके व भूकरका के अलावा परलीका क्षेत्र में बड़े टिड्डी दल के आगमन की सूचना पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग की अनेक टीमे दो दर्जन ट्रैक्टरो के साथ टिड्डी नियंत्रण में जुटी रही। अधिक ऊंचाई के पेड़ो पर टिड्डी दल के बैठने के कारण फायर बिगे्रड का सहयोग लिया गया। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में विधायक अमित चाचाण को अवगत कराया गया। विधायक अमित चाचाण ने तुरंत बीकानेर टिड्डी नियंत्रण दल से बात कर ड्रोन टीम को नोहर भेजने को कहा। इसके बाद भूकरका व परलीका क्षेत्र में ड्रोन टीम ने पहुंचकर टिड्डी नियंत्रण का कार्य शुरू किया। कांग्रेसी नेता सोहन ढि़ल ने बताया कि पूरे क्षेत्र में टिड्डी दल सक्रिय है। उधर गुरूवार को नोहर पहुंचे जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण के लिए संसाधनों कि किसी प्रकार कि कमी नही आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को इस संबंध में विशेष निर्देश दिये गये है। इसके साथ ही नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। जिला कलेक्टर ने दौरे के दौरान टिड्डियों से हुये फसलों के नुकसान का भी जायजा लिया।
इस मौके पर कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा, एसडीएम श्वेता कोचर, तहसीलदार धर्मेन्द्र जांदू, कांग्रेसी नेता सोहन ढि़ल, नियामत अली,चरणसिंह आदि उपस्थित थे। उधर किसानों ने बताया कि टिड्डियों के कारण किसानों कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विभाग के टिड्डियों पर नियंत्रण के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। किसान अपने स्तर पर परम्परागत तरीके से टिड्डियों के नियंत्रण में जुटे है। किसानों ने टिड्डियों से फसलों के हुये नुकसान का मुआवजा दिलाने की पूरजौर मांग की है। किसानों ने बताया कि टिड्डियों की शुरू हुई प्रजनन क्रिया भी उनके लिए दोहरी चिंता का विषय बन गई है।
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इस मौके पर जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से भी बात की। उधर बीति रात्रि को क्षेत्र के गांव 3बीकेके, 4 बीकेके व भूकरका के अलावा परलीका क्षेत्र में बड़े टिड्डी दल के आगमन की सूचना पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग की अनेक टीमे दो दर्जन ट्रैक्टरो के साथ टिड्डी नियंत्रण में जुटी रही। अधिक ऊंचाई के पेड़ो पर टिड्डी दल के बैठने के कारण फायर बिगे्रड का सहयोग लिया गया। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में विधायक अमित चाचाण को अवगत कराया गया। विधायक अमित चाचाण ने तुरंत बीकानेर टिड्डी नियंत्रण दल से बात कर ड्रोन टीम को नोहर भेजने को कहा। इसके बाद भूकरका व परलीका क्षेत्र में ड्रोन टीम ने पहुंचकर टिड्डी नियंत्रण का कार्य शुरू किया। कांग्रेसी नेता सोहन ढि़ल ने बताया कि पूरे क्षेत्र में टिड्डी दल सक्रिय है। उधर गुरूवार को नोहर पहुंचे जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण के लिए संसाधनों कि किसी प्रकार कि कमी नही आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को इस संबंध में विशेष निर्देश दिये गये है। इसके साथ ही नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। जिला कलेक्टर ने दौरे के दौरान टिड्डियों से हुये फसलों के नुकसान का भी जायजा लिया।
इस मौके पर कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा, एसडीएम श्वेता कोचर, तहसीलदार धर्मेन्द्र जांदू, कांग्रेसी नेता सोहन ढि़ल, नियामत अली,चरणसिंह आदि उपस्थित थे। उधर किसानों ने बताया कि टिड्डियों के कारण किसानों कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विभाग के टिड्डियों पर नियंत्रण के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। किसान अपने स्तर पर परम्परागत तरीके से टिड्डियों के नियंत्रण में जुटे है। किसानों ने टिड्डियों से फसलों के हुये नुकसान का मुआवजा दिलाने की पूरजौर मांग की है। किसानों ने बताया कि टिड्डियों की शुरू हुई प्रजनन क्रिया भी उनके लिए दोहरी चिंता का विषय बन गई है।



