बींझबायला (प्रदीप अरोड़ा) - केंद्र सरकार की कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों का विरोध करने व फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व किसानों की सम्पूर्ण कर्ज मुक्ति सहित स्थानीय मांगों को लेकर किसान ट्रैक्टर के साथ उपतहसील कार्यालय पहुँचे व मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
केंद्र सरकार की कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों के खिलाफ किसान पूर्व घोषित आंदोलन के तहत अखिल भारतीय किसान सभा व गंगानगर किसान समिति के नेतृत्व में अपने ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली, इस रैली को सयुंक्त व्यापार मंडल ने भी समर्थन किया
उपतहसील के समक्ष किसानों को सम्बोधित करते हुए किसान सभा के नेता रविन्द्र तरखान ने आरोप लगाया कि सरकारों की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसान बर्बादी की ओर बढ़ रहे है केंद्र सरकार को किसानों की बजाय कॉरपोरेट घरानों की चिंता है तरखान ने कहा किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य तो दूर न्यूनतम समर्थन मूल्य तक नही मिल रहा है वहीं केंद्र सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लाकर खेती को घाटे का सौदा बना रही है रविन्द्र तरखान ने कहा कि कोविड 19 की वजह से लोगों का जीवन खतरे में है लेकिन सरकार इस आपदा को लूट के अवसर में तब्दील करने में लगी है तरखान ने कृषि उत्पादों की कालाबाजारी रोकने वाले एक्ट खत्म करने, कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के नाम पर किसानों को बंधुआ मजदूरों में तब्दील करने व नया कृषि अध्यादेश लाकर किसान मजदूर व्यापारी को एक साथ बर्बाद करने का आरोप लगाया गंगानगर किसान समिति के ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष चाहर ने फ़िरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण व गंगनहर व सभी वितरिकाओं की साफ़ सफाई की मांग की, महेंद्र जाखड़ ने कहा कि किसानों की एकताबद्ध आंदोलन से ही सरकारें किसानों के हित मे फैसले करेगी
इस मौके पर सैकड़ो ट्रैक्टरों ने जोरदार रैली निकाली

