हरियाणा झुका, लिखित आदेश के बाद किसानों का दो दिवसीय धरना समाप्त

हरियाणा झुका, लिखित आदेश के बाद किसानों का दो दिवसीय धरना समाप्त
नोहर फीडर पर निर्माण कार्य उच्चस्तरीय सहमति तक रहेगा बंद, किसानों ने आंदोलन किया स्थगित
नोहर, 30 जून। नोहर फीडर में हरियाणा द्वारा हिसार-घग्घर मल्टीपर्पज ड्रेन का दूषित एवं रसायनयुक्त पानी छोड़ने की आशंका के विरोध में पिछले दो दिनों से चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को वार्ता के बाद समाप्त हो गया। हरियाणा और राजस्थान के सिंचाई अधिकारियों के साथ तीसरे दौर की वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
पहले दो दौर की वार्ता बेनतीजा रही, लेकिन तीसरे दौर में हरियाणा सरकार ने लिखित रूप से निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि हिसार-घग्घर बहुउद्देशीय ड्रेन को आर.डी. 96200 क्रॉसिंग से नोहर फीडर के आर.डी. 27200 पर बाढ़ निकासी हेतु बनाए जा रहे सम्प वेल (Sump Well) के निर्माण पर राजस्थान सरकार के अधिकारियों एवं किसानों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसलिए उच्च स्तर पर आपसी सहमति बनने तक निर्माण कार्य आगामी आदेशों तक रोक दिया गया है।
वार्ता में गुरमेल सरदार, कृष्ण छिम्पा, राजेंद्र नयोल, गोपीराम स्वामी, मानसिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे। धरना स्थल पर पूर्व पंचायत समिति प्रधान सोहन ढील लगातार किसानों के साथ डटे रहे।
हरियाणा सरकार का पत्र मिलने के बाद किसानों को पूरा पत्र पढ़कर सुनाया गया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी। किसान नेता गुरमेल सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने राजस्थान के सिंचाई मंत्री से हरियाणा के सिंचाई मंत्री की दूरभाष पर वार्ता करवाई, जिसके बाद हरियाणा प्रशासन सक्रिय हुआ।
पूर्व प्रधान सोहन ढील ने कहा कि किसानों की एकजुटता के आगे हरियाणा सरकार को झुकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि नोहर फीडर क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनदायिनी नहर है और इसमें किसी भी कीमत पर दूषित पानी नहीं आने दिया जाएगा। किसान नेता गुरमेल सरदार ने भी स्पष्ट कहा कि किसानों का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और यदि भविष्य में दूषित पानी छोड़ने का प्रयास हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।