अतिक्रमण हटाने का मामला, मामले की जांच के लिये गांव पहुंची राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी

अतिक्रमण हटाने का मामला, मामले की जांच के लिये गांव पहुंची राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी
नोहर, 13 जून। क्षेत्र  के गांव बरवाली में कथित रूप से इन्दिरा आवास तोडऩे व अतिक्रमण हटाने के मामले के विरोध में पीडि़त परिवार द्वारा रामगढ़ उप तहसील के आगे शुरू किया गया आमरण अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। रणवीरसिंह उर्फ वीरसिंह, रोशनी पत्नी रणवीर, मुंशीराम धानक आदि लगातार दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुये है। आमरण अनशन पर बैठे दो जनों कि उम्र 85 वर्ष से ऊपर है। रविवार को उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज कि गई। चिकित्सकों ने मौके पर उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया। वही इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर द्वारा गठित अधिकारियों की टीम रविवार को रामगढ़ उप तहसील के आगे चल रहे धरना स्थल पर पहुंची। टीम ने मौके पर पीडि़त परिवार के लोगो व संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से वात्र्ता की। करीब 6 घंटे तक चली वात्र्ता में प्रत्येक बिन्दु पर चर्चा कि गई। वात्र्ता में कुछ एक मांगो पर सहमति बनी। वही कुछ मांगो पर गतिरोध बना रहा। जिस कारण सहमति नही बन पाई। वात्र्ता में भादरा के पूर्व विधायक संजीव बैनीवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकिशन भाकर, पूर्व सरपंच मांगूसिंह, बलवान मेहरड़ा, कृष्ण भांभू, दीपचंद बैनीवाल, हनुमान भार्गव, भूराराम, विनोद मांझू, प्रताप सहारण, राजेन्द्र आर्य, राजेन्द्र बैरड़ के अलावा भादरा एसडीएम जयसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र मीणा, डीवाईएसपी रावतसर रणवीर मीणा,भादरा डीवाईएसपी सुनील झांझडिय़ा, भादरा तहसीलदार जय कौशिक आदि अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों की टीम ने बरवाली गांव में जाकर मौके स्थिति का भी जायजा लिया। वात्र्ता में संघर्ष समिति के सदस्यों ने मामले में दौषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने, पीडि़त परिवार के लिये पुनर्वास की व्यवस्था करने,जबरदस्ती असवैधानिक रूप से खोले गये रास्ते में न्यायपूर्ण कार्यवाही करने, पीडि़त परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। इससे पूर्व धरना स्थल पर भादरा के पूर्व संजीव बैनीवाल ने कहा कि राज के दबाव में सम्पूर्ण कार्यवाही कि जा रही है। पीडि़त की आवाज को दबने नही दिया जाएगा। मामले की जांच कर रहे अधिकारी को राजनैतिक दबाव से एपीओ करवाया गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकिशन भाकर ने कहा कि पूरे मामले में एक तरफा कार्यवाही कि गई है। असवैधानिक रूप से रास्ता खोला गया व स्वीकृत इन्दिरा आवास को तोड़ा गया है। उन्होंने इस मामले में दौषी अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की बात कहते हुए कहा कि पीडि़त परिवार को उसका हक दिलाने के लिये संघर्ष जारी रखेगें।