नोहर, 28 जून। नीजि एम्बूलेंसो में लगाये जाने वाले जीपीएस सिस्टम को लेकर नोहर जिला परिवहन कार्यालय में सोमवार को लगने वाला शिविर नही लगने से एम्बूलेंस संचालकों ने जिला परिवहन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। जीपीएस सिस्टम लगवाने के लिये नोहर के अलावा भादरा व रावतसर से भी एम्बूलेंस संचालक नोहर पहुंचे। इस भंयकर गर्मी में घंटो इंतजार करने के बाद भी शिविर आयोजित नही होने पर एम्बूलेंस संचालकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कार्यालय के आगे प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। बाद में विभाग के अधिकारियों कि समझाईश के बाद मामला शांत हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार के निर्देशानुसार समस्त नीजि एम्बूलेंसो में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। सरकारी एम्बूलेंसो में उक्त सिस्टम पूर्व में भी लगाया जा चुका है। बताया जाता है कि सरकार द्वारा नीजि एम्बूलेंसो में जीपीएस सिस्टम लगाने के लिये एक नीजि कम्पनी से अनुबंध किया हुआ है। जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि किसी कारणवंश अनुबंध कम्पनी के कार्मिक सोमवार को नोहर नही पहुंचे। भविष्य में इस संबंध में आगामी तारीख तय कर एम्बूलेंस संचालको को सूचना दे दी जाएगी। उधर एम्बूलेंस संचालकों ने बताया कि भादरा, रावतसर से एम्बूलेंस संचालक तेल खर्च करके नोहर पहुंचे। मगर उन्हें यहा निराशा हाथ लगी। एम्बूलेंस संचालको ने बताया कि जिला परिवहन कार्यालय नोहर क कार्मिको द्वारा सोमवार को उन्हें बुलाया गया था। अनेक एम्बूलेंस संचालको ने बताया कि परिवहन कार्यालय में उक्त जीपीएस सिस्टम 5500 रुपये में लगाया जा रहा है। जबकि बाजार में अन्य स्थानों पर उक्त सिस्टम 2500 रुपये में मिल सकता है। मगर सरकारी निर्देशों के अनुसार उक्त सिस्टम परिवहन कार्यालयों में आयोजित शिविरों में ही लगाना आवश्यक है। एम्बूलेंस संचालको का समय खराब होने से रोगियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि कोरोना कि दूसरी लहर में राज्य में कई जगह एम्बूलेंस संचालको द्वारा मनमाने दाम वसूलने कि शिकायत मिलने के बाद सरकार ने सभी एम्बूलेंसो में जीपीएस सिस्टम लगाने के निर्देश दिये है। उधर कार्यावाहक जिला परिवहन अधिकारी बलवीरसिंह ने बताया कि जीपीएस सिस्टम लगाने कि क्या दरे निर्धारित है उन्हे मालूम नही।

