1976 जन्में लोगो के नही लग रही कोरोना वैक्सीन
नोहर, 26 जून। कोरोना वैक्सीन लगाने को लेकर वर्ष 1976 जन्में लोगो के सामने अजीब ही स्थिति पैदा हो गई है। उन्हें ने तो 18 प्लस का माना जा रहा है और न ही 45 प्लस का। ऐसे में ये लोग जाये तो तो कहा जाये। सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण कि रोकथाम को लेकर वृहद स्तर पर कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन कर 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष व 45 वर्ष से ऊपर की उम्र के महिला-पुरूषों का टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में वर्ष 1976 में जन्में कुछ लोगों के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है। वर्ष 1976 में जन्में लोगों का टीकाकरण 18 वर्ष से 44 वर्ष के बीच इसलिए नही हो रहा है क्योंकि उम्र 44 वर्ष से अधिक व 45 वर्ष से कम है। ऐसा ही ताजा उदाहरण नोहर कस्बें में देखने को मिला। कस्बें के वार्ड नं. 21 निवासी अनुराग इन्दोरिया जिनका जन्म तारीख 19 दिसम्बर 1976 है। जिनकी उम्र वर्तमान में 44 वर्ष 6 माह 7 दिन है। जिसके कारण उनकी उम्र कोरोना वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित उम्र के मापदंड को पूरा नही करती है। शनिवार को अनुराग इन्दोरिया निर्धारित वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन लगाने को पहुंचे तो उनका दोनो उम्रो में से किसी में भी रजिस्ट्रेशन नही हो पाया। सरकार द्वारा जारी एप में उक्त वर्ष में जन्मे महिला-पुरूषो का रजिस्ट्रेशन नही हो पा रहा है। अनुराग इन्दोरिया ने स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया। मगर उन्होंने एप में रजिस्ट्रेशन नही होने पर वैक्सीन लगवाने में असमर्थता जाहिर की। काफी जद्दोजद के बाद आखिरकार अनुराग इन्दोरिया को बिना वैक्सीन लगाये ही लोटना पड़ा। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एप दोनो उम्र के निर्धारित मापदंड पूरे नही करने पर रजिस्ट्रेशन नही कर रहा है। अनुराग इन्दोरिया के अनुसार पूर्व में 18 प्लस कि वैक्सीन आई तो वे टीकाकरण केन्द्र गये तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि 45 पल्स कि वैक्सीन आये तो वैक्सीन लगाना। मगर जब शनिवार को 18 प्लस व 45 प्लस कि वैक्सीन आई तो उन्हें दोनो में से किसी भी उम्र में शामिल न करते हुए वापस लोटा दिया।

