न बैंड बाजा, ना ही बाराती लॉकडाउन में शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन ने पेश की अनूठी पहल

न बैंड बाजा, ना ही बाराती लॉकडाउन में शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन ने पेश की अनूठी पहल
नोहर 21 मई । कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य में जन अनुशासन रेड अलर्ट पखवाड़ा चल रहा हैं, इसके चलते सभी लोग अपने घरों में हैं व लॉकडाउन के चलते हजारों की तादाद में शादियां स्थगित हुई हैं। ऐसे हालात में हनुमानगढ़ के अराईयावाली के देवीलाल नायक की पुत्री संतोष व नोहर के रामसरा के भागसिंह नायक के पुत्र नरेश की शादी का मुहूर्त निकलवाने के बाद जन अनुशासन पखवाड़ा से पूर्व पीले चावल की रस्म अदायगी होने पर सामाजिक रूप से शादी जरूरी हो गयी जो विवाह आज सम्पन्न हुआ हैं । शादी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा के नियमों की पालन करते हुए किसी भी रिश्तेदार को आने का निमंत्रण नहीं दिया गया लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि सभी रिश्तेदारों को ऑनलाइन विवाह में सम्मिलित होने के लिए कहा गया जिसमें करीब 50 रिश्तेदारों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस विवाह को देखा और वर-वधू को आशीर्वाद दिया, इस विवाह में ना शहनाई बजी,ना वर घोड़े पर सवार हुए और ना ही हुई विवाह की पूरी रस्में,
लेकिन फिर भी लॉकडाउन में सात फेरों के बाद नरेश और संतोष सात जन्मों के बंधन में बंध गए। इस विवाह के दौरान दुल्हे व दुल्हन ने मास्क लगाकर,सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए पंडित से अपने महज पांच परिजनों की उपस्थिति में सात फेर लिए, इस विवाह सम्पन्न होने बाद अराईयावाली से स्कूटी से नोहर पहुंचे संतोष व नरेश ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वाह भी भली-भांति किया। विवाह के पश्चात नवदम्पति ने मिशन सौ बेड अभियान में कोरोना महामारी से ग्रसित मरीजों के लिए इक्कीस हजार का चेक स्थानीय विधायक अमित चाचाण व मिशन सौ बेड़ संचालक एड. के. एल. मित्रुका एवं बाल कृष्ण व्यास  को सौपा,नवदम्पति ने सात जन्मों की कसमें लेते हुए सात फेरे लिए और कोरोना संक्रमितों की प्राणवायु ऑक्सीजन के लिए चेक जमा करवाया तो उसके बाद दोनों के चेहरे पर आत्म संतुष्टि और खुशी के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे ।