श्रीगंगानगर, (नरेश पारीक)। श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ के प्रयासों से जिले को मिले कृषि महाविद्यालय को शुरू करने की तैयारियां पूरी हो गई हैं और अब इस कार्य को सुचारू रूप से शुरू करने के लिये कृषि महाविद्यालय में डीन की भी नियुक्ति कर दी गई है।
जिसके तहत नवनियुक्त डीन डॉ. राजेश शर्मा ने विधायक श राजकुमार गौड़ से शिष्टाचार मुलाकात की ओर स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि महाविद्यालय श्रीगंगानगर के सफल संचालन की आगामी कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराया। विधायक राजकुमार गौड़ ने कृषि अर्थशास्त्र के आचार्य डॉ. राजेश शर्मा को नियुक्ति पर शुभकामनायें दी ओर जल्दी ही शिक्षा सत्र शुरू कर जिले की प्रतिभाओं को इसी सत्र में कक्षायें प्रारभ करने के लिये निर्देशित किया।
इस शिष्टाचार मुलाकात में कृषि महाविद्यालय के नवनियुक्त डीन डॉ. राजेश शर्मा ने श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ को बताया कि कॉलेज में पहले साल प्रवेश के लिये 60 सीटेंं सीमित की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के पास प्रवेश को लेकर यह आदेश विचाराधीन है कि इसका प्री टेस्ट लिया जाये या मैरिट बेस पर सैलेक्शन किया जाये। वहीं नवनियुक्त डीन डॉ. राजेश शर्मा ने श्रीगंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ को अवगत कराया कि इसी सत्र में कक्षायें प्रारभ हो जायेंगी और जो ज़रूरी व्यवस्थायें हैं उन्हें पूरा किया जा रहा है। इस शिष्टाचार मुलाकात में विधायक राजकुमार गौड़ ने कहा कि मेरा एक-एक पल ओर पूरा जीवन श्रीगंगानगर के लिये समर्पित हैं ओर मेरा एकमात्र लक्ष्य श्रीगंगानगर में विकास कराना है चाहे वह गांवों से लेकर शहर तक में अधूरे पड़े विकास कार्यो को गति देना हो या कृषि महाविद्यालय की स्वीकृति हो या चाहे मेडि़कल कॉलेज का निर्माण हो, इसके लिये मैं पूरी तरह से कार्य में लगा हुआ हूं।
गौरतलब है कि गत दिनों पूर्व श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ ने कृषि महाविद्यालय को लेकर सरकार द्वारा जारी किये गये नोटिफिकेशन के बाद कृषि अनुसंधान केन्द्र का अवलोकन भी किया था। इस दौरान कृषि अनुसंधान केन्द्र के अवलोकन के मौके पर श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ ने उस भवन का भी जायजा लिया, जिसमें सरकारी कृषि महाविद्यालय संचालित होगा।
विधायक गौड़ के अवलोकन कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उम्मेदसिंह शेखावत ने उनको उपलब्ध सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, कक्षा कक्षों आदि के बार में भी जानकारी दी थी। अवलोकन के दौरान कृषि विभाग के पूर्व सहायक निदेशक मदन जोशी ने महाविद्यालय की मंजूरी को ऐतिहासिक क्षण बताया।

