{नोहर तेज़ } क्षेत्र के गांव आपुवाला का लाडला गजेंद्र सिंह राठौड़ दिल्ली में शहीद हो गया। गजेंद्र सिंह राठौड़ दिल्ली कैंट में तैनात था। शुक्रवार को हुए एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। बीती रात को आईसीयू में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
रविवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव आपुवाला पहुंचा। शहीद की पार्थिव देह के गांव में पहुंचते ही भारत माता व शहीद गजेन्द्र सिंह अमर रहे के गगनभेदी जयकारे गुंज उठे। शहीद गजेन्द्र सिंह कि पार्थिव देह उनके घर लाई गई। जहां शहीद की वीरांगना व परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद गमगीन माहौल में गजेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया। इस मौके पर अनेक प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए। शहीद की चिता को उनके 8 वर्षीय पुत्र ने मुखग्नि दी। शहीद गजेंद्र सिंह हाल ही में गांव आकर अपनी पत्नी व बच्चे को छोडक़र गये थे।
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वे रक्षा बंधन पर फिर से गांव आने का कह कर गए थे। गजेन्द्रङ्क्षसह राठौड़ 218 इएमटी राजपूत रेजीमेंट में नायक के पद पर कार्यरत थे। गजेन्द्रसिंह के शहीद होने की सूचना मिलने पर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सेना की बटालियन के अधिकारी उनकी पार्थिव देह लेकर गांव में पहुंचे। तब पूरा गांव भारत माता व गजेन्द्रसिंह अमर रहे के जयकारो से गुंज उठा। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑर्नर देकर अन्तिम सलामी दी। एसडीएम श्वेता कोचर सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शहीद गजेन्द्र सिंह कि पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। इसके अलावा विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी शहीद को अन्तिम विदाई देने पहुंचे। आस-पास के गांवों से भी भारी संख्या में ग्रामीण शहीद के अन्तिम दर्शन के लिए पहुंचे। गजेन्द्रसिंह का छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता किसान है।
रविवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव आपुवाला पहुंचा। शहीद की पार्थिव देह के गांव में पहुंचते ही भारत माता व शहीद गजेन्द्र सिंह अमर रहे के गगनभेदी जयकारे गुंज उठे। शहीद गजेन्द्र सिंह कि पार्थिव देह उनके घर लाई गई। जहां शहीद की वीरांगना व परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद गमगीन माहौल में गजेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया। इस मौके पर अनेक प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए। शहीद की चिता को उनके 8 वर्षीय पुत्र ने मुखग्नि दी। शहीद गजेंद्र सिंह हाल ही में गांव आकर अपनी पत्नी व बच्चे को छोडक़र गये थे।
वे रक्षा बंधन पर फिर से गांव आने का कह कर गए थे। गजेन्द्रङ्क्षसह राठौड़ 218 इएमटी राजपूत रेजीमेंट में नायक के पद पर कार्यरत थे। गजेन्द्रसिंह के शहीद होने की सूचना मिलने पर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सेना की बटालियन के अधिकारी उनकी पार्थिव देह लेकर गांव में पहुंचे। तब पूरा गांव भारत माता व गजेन्द्रसिंह अमर रहे के जयकारो से गुंज उठा। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑर्नर देकर अन्तिम सलामी दी। एसडीएम श्वेता कोचर सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शहीद गजेन्द्र सिंह कि पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। इसके अलावा विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी शहीद को अन्तिम विदाई देने पहुंचे। आस-पास के गांवों से भी भारी संख्या में ग्रामीण शहीद के अन्तिम दर्शन के लिए पहुंचे। गजेन्द्रसिंह का छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता किसान है।


