नोहर तेज़ नगर पालिका क्षेत्र में अनेक विकास कार्य लम्बे समय से लम्बित होने के कारण होने के कारण गुरूवार को अनेक पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। अनेक वार्डो के पार्षदों ने अपने वार्डो सहित कस्बें में अनेक जगह विकास कार्य लम्बित होने के कारण नगर पालिका ई.ओ. दलीप पूनिया के चैम्बर में धरना दिया।
धरना करीब 40 मिनट चला। पार्षदों ने बताया कि विभिन्न विकास कार्यो के टैण्डर होने के बावजूद भी कार्यो के वर्क ऑर्डर लम्बे समय से जारी नही किये जा रहे है। नोहर तेज़ पार्षद नगर पालिका ई.ओं की कुर्सी के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गये। पार्षद गंगाराम पांडिया ने बताया कि ललाना-बडबिराना मार्ग पर गंदे पानी के नाले का वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी कार्य आदेश जारी नही हो रहे है। इसके अलावा श्रीश्याम मन्दिर से लेकर बाबा रामदेव मन्दिर तक कि सडक़ लम्बे समय से अधरझूल में पड़ी है। यह सडक़ पूरी तरह गड्ढो में तब्दील हो चुकी है। नोहर तेज़ पूर्व में उक्त सडक़ के निर्माण को लेकर चक्का-जाम व धरना लगाया गया था। जिस पर अधिकारियों ने बीस दिवस में सडक़ बनाने का आश्वासन दिया था। मगर आज तक उक्त सडक़ जस की तस है। पांडिया ने बताया कि उक्त सडक़ का करीब 45 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। नोहर तेज़ मगर कार्य आदेश नही होने से सडक़ का निर्माण नही हो रहा है। उधर वार्ड नं. दो के पार्षद दिनेश भाटी ने बताया कि वार्ड में पड़े लम्बित कार्यो को लेकर अनेक बार अधिकरियों को अवगत कराया जा चुका है। वार्ड नं. दो में सामुदायिक भवन में कमरों का निर्माण करवाने, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय नं. दो में शौचालयों का निर्माण करवाने की मांग को लेकर कई बार अवगत कराया जा चुका है। मगर आज कार्य नही हुआ है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार कम रेट में कार्य ले लेते है। बाद में कार्य शुरू नही करते। ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ नगर पालिका भी कोई कार्यवाही नही कर रही है। पार्षदों ने काम लेकर कार्य नही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की। बाद में नगर पालिका ई.ओं. से पार्षदों की वात्र्ता हुई। वात्र्ता में पार्षदों की मांगो पर सहमति बनने के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त किया। पार्षदों की मांग पर ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया। नोहर तेज़ वात्र्ता में एक हफ्ते में बकाया कार्य शुरू करवाने व ठेकेदार को बकाया राशि जमा करवाने पर सहमति बनी। इस मौके पर धरना देने वालों में पालिका उपाध्यक्ष श्रीराम व्यास, गुलफाम, मुश्ताक, महबूब अली आदि शामिल थे। विदित्त रहे कि धरना देने वाले कुछ पार्षद सत्तारूढ बोर्ड के है।

