नोहर को 200 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना की बड़ी सौगात बारिश के जलभराव, सेप्टिक टैंक और गंदे पानी की निकासी की समस्याओं से मिलेगी स्थायी राहत; 75 करोड़ रुपये स्वीकृत
नोहर को 200 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना की बड़ी सौगात बारिश के जलभराव, सेप्टिक टैंक और गंदे पानी की निकासी की समस्याओं से मिलेगी स्थायी राहत; 75 करोड़ रुपये स्वीकृत
नोहर दीपावली पर्व पर नोहर नगरपालिका क्षेत्र को राज्य सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है। शहर में सीवरेज व्यवस्था और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए 200 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी मिली है। इस परियोजना के तहत 75 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। योजना के धरातल पर उतरने से शहरवासियों को बारिश के दौरान जलभराव, सेप्टिक टैंक, शौचालयों की कुइयों तथा नालियों से जुड़ी समस्याओं से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।पूर्व राज्य मंत्री एवं पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि मेहरूनिशा टाक के प्रयासों तथा पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण योजना को आगे बढ़ाया गया है। योजना को लेकर पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि टाक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का आभार जताया है।
शहर के बहाव क्षेत्र को व्यवस्थित करना होगी बड़ी चुनौती
पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि मेहरूनिशा टाक ने बताया कि नोहर शहर का प्राकृतिक बहाव क्षेत्र एक दिशा में नहीं है। शहर में कहीं ऊंचाई तो कहीं ढलान होने के कारण सीवरेज नेटवर्क तैयार करना तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसके लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीम और कार्यकारी एजेंसी के सहयोग से ऐसा बेहतर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था सुचारू हो सके।
पालिका अध्यक्ष हाजन खातुन टाक ने बताया कि सीवरेज एवं ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना के लागू होने से बारिश के पानी के भराव, सेप्टिक टैंक, शौचालयों की कुइयों और नालियों सहित अनेक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
जयपुर की कंपनी तैयार करेगी डीपीआर
सूत्रों के अनुसार जयपुर की एमएलसी प्राइवेट कंपनी को परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का टेंडर मिला है। डीपीआर में शहर की भौगोलिक स्थिति, जल निकासी के प्राकृतिक बहाव, सीवरेज नेटवर्क और ट्रीटमेंट प्लांट सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
200 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में शुरुआती तौर पर 75 करोड़ रुपये स्वीकृत होना नोहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के पूर्ण होने पर शहर की आधारभूत सुविधाओं में बड़ा बदलाव आने और स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शहर के बहाव क्षेत्र को व्यवस्थित करना होगी बड़ी चुनौती
पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि मेहरूनिशा टाक ने बताया कि नोहर शहर का प्राकृतिक बहाव क्षेत्र एक दिशा में नहीं है। शहर में कहीं ऊंचाई तो कहीं ढलान होने के कारण सीवरेज नेटवर्क तैयार करना तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसके लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीम और कार्यकारी एजेंसी के सहयोग से ऐसा बेहतर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था सुचारू हो सके।
पालिका अध्यक्ष हाजन खातुन टाक ने बताया कि सीवरेज एवं ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना के लागू होने से बारिश के पानी के भराव, सेप्टिक टैंक, शौचालयों की कुइयों और नालियों सहित अनेक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
जयपुर की कंपनी तैयार करेगी डीपीआर
सूत्रों के अनुसार जयपुर की एमएलसी प्राइवेट कंपनी को परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का टेंडर मिला है। डीपीआर में शहर की भौगोलिक स्थिति, जल निकासी के प्राकृतिक बहाव, सीवरेज नेटवर्क और ट्रीटमेंट प्लांट सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
200 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में शुरुआती तौर पर 75 करोड़ रुपये स्वीकृत होना नोहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के पूर्ण होने पर शहर की आधारभूत सुविधाओं में बड़ा बदलाव आने और स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।




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