चार साल से लंबित मांगों पर हाईकोर्ट सख्त, मिशन 100 बेड को मिली राहत
नोहर तेज़ डेस्क । नोहर में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग उठा रही मिशन स्वास्थ्य सेवा समिति मिशन 100 बेड को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद जोधपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को लंबित अभ्यावेदनों का चार सप्ताह में निस्तारण करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपयुक्त चिकित्सकों की नियुक्ति पर भी सरकार की नीति के अनुरूप विचार करने को कहा। समिति अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता एडवोकेट के.एल. मित्रुका की ओर से डीबी सिविल रिट याचिका संख्या 16016/2025 दायर की गई थी। 2 नवंबर को न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने आदेश जारी किया। याचिका में सोनड़ी बस स्टैंड के पास स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत जरूरी मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की मांग रखी गई थी।
समिति ने बताया कि इस मुद्दे पर 4 फरवरी 2021 और 17 जून 2024 को संबंधित विभागों और अधिकारियों को अभ्यावेदन दिए गए थे। लंबे समय तक उन पर कोई निर्णय नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को कहा गया कि सरकारी नीतियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यावेदनों पर शीघ्र निर्णय किया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए। समिति ने कहा कि नोहर क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उसका प्रमुख उद्देश्य है। महिला एवं शिशु अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रयास जारी हैं। एडवोकेट के.एल. मित्रुका ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नोहर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए मिशन 100 बेड का प्रयास आगे भी जारी रहेगा। समिति ने बताया कि वर्षों पहले सेठ फकीर चन्द लालचंद कंदोई चैरिटेबल ट्रस्ट में इस अस्पताल का निर्माण कराकर सरकार को सुपुर्द कर दिया था।
समिति ने बताया कि इस मुद्दे पर 4 फरवरी 2021 और 17 जून 2024 को संबंधित विभागों और अधिकारियों को अभ्यावेदन दिए गए थे। लंबे समय तक उन पर कोई निर्णय नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को कहा गया कि सरकारी नीतियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यावेदनों पर शीघ्र निर्णय किया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए। समिति ने कहा कि नोहर क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उसका प्रमुख उद्देश्य है। महिला एवं शिशु अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रयास जारी हैं। एडवोकेट के.एल. मित्रुका ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नोहर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए मिशन 100 बेड का प्रयास आगे भी जारी रहेगा। समिति ने बताया कि वर्षों पहले सेठ फकीर चन्द लालचंद कंदोई चैरिटेबल ट्रस्ट में इस अस्पताल का निर्माण कराकर सरकार को सुपुर्द कर दिया था।


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