पंचायत समिति चुनाव में सरकारी कर्मचारी के प्रस्तावक बनने का मामला गरमाया, कलेक्टर तक पहुंचा प्रकरण
नोहर तेज़ डेस्क। पंचायत समिति चुनाव के बीच नोहर में एक सरकारी कर्मचारी के कथित तौर पर पंचायत समिति चुनाव प्रत्याशी के नामांकन में प्रस्तावक बनने का मामला चर्चा में आ गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन जांच में जुट गया है। यदि जांच में सरकारी कर्मचारी की भूमिका सेवा नियमों के विपरीत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, नोहर पंचायत समिति के ब्लॉक-21 में एक राजनीतिक दल के प्रत्याशी के नामांकन पत्र में कथित तौर पर एक सरकारी कर्मचारी प्रस्तावक बना है। सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से जुड़े नियमों के मद्देनजर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को पंचायत समिति सदस्य पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों के संवीक्षा कार्य के दौरान यह मामला सामने आया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जांच की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। सरकारी कर्मचारियों पर लागू सेवा नियमों के तहत राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी से संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, संबंधित कर्मचारी के प्रस्तावक बनने से नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित कर्मचारी की भूमिका और संभावित कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उधर एसडीएम सुनीता यादव ने बताया कि आगामी कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर को मामले से अवगत करवा दिया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी के उम्मीदवार का प्रस्तावक बनने पर नामांकन खारिज होने करने का कोई प्रावधान नहीं है।
जानकारी के अनुसार, नोहर पंचायत समिति के ब्लॉक-21 में एक राजनीतिक दल के प्रत्याशी के नामांकन पत्र में कथित तौर पर एक सरकारी कर्मचारी प्रस्तावक बना है। सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से जुड़े नियमों के मद्देनजर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को पंचायत समिति सदस्य पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों के संवीक्षा कार्य के दौरान यह मामला सामने आया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जांच की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। सरकारी कर्मचारियों पर लागू सेवा नियमों के तहत राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी से संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, संबंधित कर्मचारी के प्रस्तावक बनने से नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित कर्मचारी की भूमिका और संभावित कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उधर एसडीएम सुनीता यादव ने बताया कि आगामी कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर को मामले से अवगत करवा दिया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी के उम्मीदवार का प्रस्तावक बनने पर नामांकन खारिज होने करने का कोई प्रावधान नहीं है।


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