कथित रूप से इंदिरा आवास तोडने व अतिक्रमण हटाने का मामला , पीड़ित परिवार ने रामगढ़ तहसील के आगे शुरू किया आमरण अनशन

कथित रूप से इंदिरा आवास तोडने व  अतिक्रमण हटाने का मामला , पीड़ित परिवार ने रामगढ़ तहसील के आगे शुरू किया आमरण अनशन
नोहर 12 जून भादरा तहसील के गांव बरवाली में कथित रूप से इंदिरा आवास तोडने व  अतिक्रमण हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है । शनिवार को मामले में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार ने रामगढ़ तहसील के आगे आमरण अनशन शुरू कर दिया पीड़ित परिवार पिछले 3 दिनों से धरने पर बैठा था इंदिरा आवास तोड़ने के विरोध मे अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शनिवार से परिवार जनों ने रामगढ़ उपतहसील कार्यालय के आगे शुरू किया।  उपतहसील  कार्यालय के आगे पीड़ित पक्ष के परिवार रणवीर उर्फ़ वीर सिंह, रोशनी पत्नी रणवीर उर्फ़ वीरसिंह धानक,मुंशीराम पुत्र रलदू राम धानक व हेतराम पुत्र आशाराम ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। पिछले 3 दिनों से रामगढ़ उप तहसील कार्यालय के आगे संघर्ष समिति के सदस्यों के द्वारा व परिवार जनों के द्वारा पिछले 3 दिनों से धरना जारी था। परिवारजनों व संघर्ष समिति के सदस्यों के द्वारा प्रशासन को उक्त प्रकरण की न्यायपुर्ण जाँच को  लेकर 3 दिनों का समय दिया गया था। परंतु संघर्ष समिति के सदस्यों वह परिवार जनों के द्वारा मामले में संतुष्ट न होने के चलते उप तहसील कार्यालय के आगे आमरण अनशन शुरू कर दिया गया है आमरण अनशन शुरू करने वाले परिवार जनों में 80 साल से ऊपर के दो जने हैं। विदित रहे कि प्रशासन के द्वारा बरवाली गांव मे अतिक्रमण हटाने को लेकर इंदिरा आवास व पक्का मकान तोड़ दिया था। वही पीड़ित परिवार के समर्थन में विभिन्न संगठनों का समर्थन शनिवार को भी जारी रहा राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह शेखावत ने पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए स्वीकृत इंदिरा आवास  तोडने को एकतरफा कार्रवाई बताया और जल्दी इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। वही शनिवार को पीड़ित परिवार के पक्ष में भाजपा गोगामेडी मंडल अध्यक्ष बलवान मेहरडा, महामंत्री हनुमान प्रसाद भार्गव,  पंचायत समिति सदस्य भूराराम, गोगामेडी पूर्व सरपंच मांगू सिह, कृष्ण, धर्मपाल, मोहनलाल ,मानसिंह कस्वा ,कैलाश नंदलाल स्वामी, राजेंद् सिहाग , शीला शेखावत गोपी राम जास्ट, रोबिन,  राजेंद्र बेरड,  सुरजीत, चंद्रसेन व संघर्ष समिति के सदस्य धरने पर बैठे । धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने इस मामले की जांच कर रहे हनुमानगढ़ जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एपीओ करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया