निजी हॉस्पिटल के संचालकों के खिलाफ कार्यवाही नही होने से मृतक के परिजनों में आक्रोश
श्रीगंगानगर-जिला मुख्यालय पर जवाहरनगर थाना क्षेत्र में स्थित निजी हॉस्पिटल के संचालकों के खिलाफ कार्यवाही नही होने से मृतक के परिजनों में आक्रोश बड़ गया है।आक्रोशित परिजनों ने आज हॉस्पिटल के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरने पर मृतक निर्मल सिंह की पत्नी हरमीत कोर , बड़े बेटे जसवीर सिंह,छोटा बेटा व पड़ोसी हरीश अरोड़ा बैठे।निर्मल सिंह के पुत्र जसवीर सिंह ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन के तहत धरना शुरू किया है।जिसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट को कल ही दे दी थी। प्रकरण के बारे में जानकारी देते हुए जसवीर सिंह ने बताया की 13 मई को सुबह 5:00 बजे सुखाडिया मार्ग पर गिरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था करीब 9:00 बजे डॉ मनीष बोथरा हॉस्पिटल में आए और पिता की सिटी स्कैन करवाने की बात कही 1700 रुपए खर्च कर चौधरी अल्ट्रासाउंड से सिटी स्कैन करवाया रिपोर्ट चेक करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि गुर्दे में इंफेक्शन है।20 मई के बाद पिता की हालत गंभीर हो गई।वो अपने पिता को सरकारी हॉस्पिटल ले गए।जहा कोरो ना जांच करवाई जो पॉजिटिव आई।27 मई को सरकारी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसके पिता की मौत हो गई।जसवीर सिंह ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि गिरी हॉस्पिटल में अवैध रूप से कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा था।जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की ओर इसके लिए जुर्माना भी लगाया जा चुका है।परिजनों ने मांग की इस मामले को लेकर हॉस्पिटल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इसके अलावा जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक हॉस्पिटल को सील रखा जाए।परिजनों ने कहा की जयपुर के डॉक्टर की कमेटी बनाई जाए।जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा

