विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित
कर्मठ महिला के रूप में पहचान बना चुकी है श्री मति ऋतु गर्ग।
जीवन को उद्देश्य पूर्ण एवं जीने की सही ढंग की कला मनुष्य स्वयं निर्मित करता है। परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो मनुष्य में यदि धैर्य ,हौसला और आत्मबल है तब वह अपने जीवन का निर्माण स्वयं करता है। श्रीमती रितु गर्ग ने संपूर्ण लॉकडाउन में घर पर रहकर ही अपनी जीवनशैली, व्यवस्था को चरमराने नहीं दिया। बल्कि पूरे जोश और उत्साह के साथ समय को बर्बाद किए बिना वहअपने कीमती समय को काव्य सृजन करने में उपयोग कर रही हैं। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित रितु गर्ग सकारात्मक रचनाओं के द्वारा जन-जन में उत्साह का संचार कर रही है। ऑनलाइन काव्य गोष्ठियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना एवं अपनी रचनाओं के द्वारा श्रेष्ठ रचनाकार के रूप में पहचान बनाकर अपने उदेश्य को पूर्ण कर रही है। राष्ट्रिय आंचलिक साहित्य संस्थान भारत द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य सृजन में श्रीमती रितु गर्ग को ""श्री मति कमला सिन्हा सम्मान"" से सम्मानित किया गया। सभी मित्र एवं रिश्तेदार अपनी अनेकों शुभकामनाओं द्वारा उन्हें उत्साहितकर रहें हैं। श्रीमती रितु गर्ग सभी संस्थाओं का हृदय तल से आभार व्यक्त करती हैं जिन्होंने इनकी लेखनी को इतना सम्मान दिया। उनकाकहना है कि वह निरंतर अपने उत्कृष्ट काव्य सर्जन के लिए प्रयास करेंगी।ज्ञात हो कि भारत माता अभिनंदन संगठन राष्ट्रिय प्रभारी के रूप में जुड़ कर वह जन-जन में देश प्रेम की भावना को जागृत करते हुएअपना पूरा सहयोग समाज सेवा के लिए कर रही है।

