सख्त पाबंदियों से इनकी चमकी दुकानदारी गली मोहल्ले की दुकानों में एकाएक बढ़ी ग्राहकी

सख्त पाबंदियों से इनकी चमकी दुकानदारी
 गली मोहल्ले की दुकानों में एकाएक बढ़ी ग्राहकी.

श्रीगंगानगर. कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए बाजार बंद होने पर इलाके में घरों से संचालित होने वाली दुकानों पर अब खूब रौनक बढ़ी है। खासतौर पर लेडिज सूट और साडि़यों की डिमांड अधिक है। महिला दुकानदार भागवंती देवी का कहना था कि पहले गली मोहल्ले की महिलाएं सीमित संख्या में उसके घर पर स्थित दुकान पर आती थी लेकिन पिछले पांच दिनों से यह संख्या दुगुनी हो गई है। अधिक खरीददारी भी हुई है। 
जितना स्टॉक है, वह अब खपने लगा है। 
सेतिया कॉलोनी, मुखर्जीनगर, जी ब्लॉक, इंदिरा कॉलोनी, जवाहरनगर, नेहरानगर, अग्रसेननगर आदि एरिया में कई महिलाएं अपने घर पर ही लेडिज सूटों की दुकानें खोल रखी है। वहीं कईयों ने गुजरात के सूरत से साडि़यों की खेप मंगवा रखी है।इसके अलावा कई महिलाएं तो बैडशीट, पर्दे, सोफा सेट के कवर आदि का सामान भी बेच रही है। शादियों के सीजन में कफर्यू लगने के कारण महिला ग्राहकों ने एेसी दुकानों को शॉपिंग प्वाइंट बना लिया है। सेतिया कॉलोनी और ब्लॉक एरिया में कई युवतियों ने ब्यूटी पार्लर की दुकान अपने घर पर ही शुरू कर दिया है। शादियों के इस सीजन में दूल्हन बनने वाली युवतियां एेसे दुकानदारों के घरों पर ही अपना मेकअप करवा रही है। सेतिया कॉलोनी की रेखा का कहना है कि उसने वीकेंड कफर्यू लगने से पहले ही बाजार से ब्यूटी पार्लर का सारा सामान खरीद लिया था।अब वह अपने घर पर ही दुल्हन को तैयार करती है। इसके एवज में उसे मेहनताना भी अच्छा खासा मिल रहा है। वहीं दुल्हन बनने वाली युवतियां भी मजबूरन एेसे घरों पर ही तैयार हो रही है।वहीं शादियों में मेहमान बनने वाली महिलाआें का सौन्दर्यकरण भी किया जा रहा है। इधर, गणपतिनगर में रहने वाली नेहा तिवारी का कहना है कि अपने हाथ के हुनर का अब फायदा मिल रहा है।
महिलाओं को भी बाजार बंद होने के कारण अपने पड़ौस में रहने वाली उस जैसी ब्यूटी पार्लर के यहां मेकअप करवाना सस्ता पड़ता है। एच ब्लॉक की कांता ने स्वीकारा कि दुकान खोलने पर पाबंदी है।
लेकिन घर पर ही अब ग्राहक आने लगे है। एेसे में दुगुना फायदा होने लगा है। अग्रसेननगर में अपनी दुकान को बंद कर घर पर कपड़े सिलने वाली मनीषा का कहना है कि यह लॉक डाउन उसके लिए फायदेमंद रहा है।
पहले से ज्यादा ग्राहक आते है
 जवाहरनगर की संतोष देवी और इंदिरा कॉलोनी की गीता देवी टिफिन सैंटर चला रही है।इन दोनों महिलाओं का कहना है कि बाजार बंद होने के कारण रेस्टोरेंट और ढाबें में लजीज भोजन नहीं मिलता, इस कारण ग्राहक अब टिफिन सैंटरों पर भरोसा करते है।