बरवाली में दलित परिवार का अतिक्रमण हटाने के मामले में आंदोलन की चेतावनी

▪️दलित परिवार के अतिक्रमण हटाने का मामला तूल पकड़ा
▪️भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकृष्ण भाकर ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की
▪️राजनीतिक दबाव में अधिकारियों पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप  लगाए
▪️पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन करने की दी चेतावनी 
नोहर 25 मई भादरा विधानसभा क्षेत्र के  गांव बरवाली मैं एक दलित परिवार के अतिक्रमण हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।  मंगलवार को  भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकृष्ण भाकर ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। इसके अलावा रामकिशन भाकर ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर राजनीतिक दबाव में अधिकारियों पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी ।  उन्होंने बताया की मामले की निष्पक्ष जांच होने पर गोगामेडी पुलिस थाने  रामगढ़ उप तहसील का क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा घेराव करने की चेतावनी दी है । मंगलवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकृष्ण भाकर ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया मामला उपखंड न्यायालय नोहर में विचाराधीन होने के बावजूद भी अतिक्रमण को हटाया गया जो कि न्याय संगत नहीं है इसके अलावा अतिक्रमण हटाने के दौरान परिवार के लोगों से मारपीट भी की गई । भाकर ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उक्त परिवार का सरकारी योजना से बना आवास भी तोड़ दिया गया था जिसकी मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच विचाराधीन है।  उन्होंने कहा कि प्रशासन के द्वारा उक्त एकतरफा कार्रवाई करते हुए पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई व परिवार की बेटी ने क्षुब्ध होकर जहरीला पदार्थ खा लिया जिसके चलते उसके जीवन का संकट बना हुआ है  भाकर ने कहा पूरे योजनाबद्ध तरीके से एक दलित को बेघर कर दिया गया प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ राजकीय कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवा कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है उन्होंने कहा प्रशासन के द्वारा दलित परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है दलित परिवार को राहत देने की मांग की है उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच ना करी गई तो इस कोरोना संकटकाल में आंदोलन करना मजबूरी होगा। उधर एसडीीम श्वेता कोचर ने बताया कि स्थगन आदेश होने केेे बावजूद भी कृृषि भूमि पर बरवाली गाव मे  बनाए गए झोपड़ी को हटाया गया था उन्होंने बताया कि पूर्व में थोड़े के मकान का मामला ग्राम पंचायत का है उपखंड कार्यालय का इस संबंध में कोई लेना देनाा नहीं एसडीम के अनुसार झोपड़े को नियमानुसार कार्रवाई के हटाया गया। गौरतलब है कि बरवाली गांव के बिरबल राम धानक के परिवार के अतिक्रमण हटाने के दौरान सोमवार को  हगामा हुआ था। इस दौरान परिवार की 19 वर्षीय बीएससी की छात्रा पूनम ने जहरीला पदार्थ गटक लिया जिसका हनुमानगढ़ में उपचार जारी है