खेल-खेल में गई पांच बच्चों की जान, लुका-छिपी खेलते बच्चे 5 फीट गहरी और 3 फीट चौड़ी अनाज की टंकी में घुस गए।
बीकानेर, 22. मार्च। बीकानेर जिले में नापासर के गांव
हिम्मतासर में रविवार को दोपहर के समय दर्दनाक हादसे में पांच बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में चार सगे भाई-बहन हैं। सभी की उम्र 8 साल से कम है। हादसा बच्चों के लुका-छिपी खेलने के दौरान हुआ। बच्चे छिपने के लिए घर में रखी अनाज की कोठरी (टंकी) में बंद हो गए। इसके बाद कोठरी का ढक्कन अचानक बंद हो गया। दम घुटने से सभी की मौत हो गई।
चार बच्चों की मां ने जब दोपहर में आकर बच्चों को संभाला तो अनाज की कोठरी में अपने चार बच्चों सहित पांच बच्चों की लाश देखकर बेसुध हो गई।
हादसा नापासर के हिम्मतासर गांव में हुआ।
यहां किसान भीयाराम का परिवार खेत में गया हुआ था। इसी दौरान पांच बच्चे घर पर थे। इसमें चार भीयांराम के बेटे-बेटियां थे जबकि एक उनकी भांजी थी। भीयाराम का बेटा सेवाराम (4 वर्ष ) के अलावा तीन बेटियां रविना (7 वर्ष ) राधा (5 वर्ष ) और टींकू उर्फ पूनम (8 वर्ष ) के साथ ही भीयांराम की भांजी माली पुत्री मघाराम घर पर खेल रहे थे। इस दौरान सभी बच्चे लोहे की चादर से बनी अनाज की कोठरी में घुस गए। बच्चों के कोठरी के अंदर घुसने के बाद उसका ढक्कन नीचे आ गया और स्वत: ही बंद हो गया। इस तरह की कोठरी का दरवाजा नीचे गिरते ही बंद हो जाता है। टंकी की गहराई 5 फीट और चौड़ाई करीब 3 फीट रही है। बच्चों ने इसे खोलने का प्रयास भी किया होगा, लेकिन अंदर से वो खुल नहीं सकता था और आवाज सुनने वाला घर में कोई नहीं था। बच्चों ने कुछ देर जीवन के लिए संघर्ष भी किया होगा लेकिन खुद को बचा नहीं सके।
मां ने सबसे पहले देखी अपने बच्चों की लाश!
भीयांराम की पत्नी दो बजे के बाद खेत से घर लौटी थी। उसने बच्चों को संभाला लेकिन कोई नहीं मिला। थोड़ी देर तो इधर-उधर ढूंढा लेकिन कोई नहीं मिला। बाद में अनाज की कोठरी को देखा। इसमें एक-दो नहीं बल्कि भीयाराम के चार बच्चों सहित पांच बच्चे बेसुध पड़े थे। मां ने चिल्लाकर लोगों को बुलाया। उन्हें बाहर निकाला गया लेकिन तब तक पांचों बच्चों की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। नापासर थानाधिकारी ने बताया कि बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

