43 साल की उम्र में मां बनीं बलकिशा, नसबंदी खुलवाने के बाद गूंजी किलकारी
43 साल की उम्र में मां बनीं बलकिशा, नसबंदी खुलवाने के बाद गूंजी किलकारी
नोहर के राजकीय उप जिला चिकित्सालय में बिना IVF तकनीक के हुआ प्रसव, डॉ. हंसराज शर्मा की देखरेख में चला इलाज
नोहर डेस्क। उम्र 43 साल, पहले नसबंदी और जिंदगी में कई बार संतान खोने का गम। लंबे इंतजार और इलाज के बाद आखिरकार बलकिशा की गोद में फिर से खुशियां लौट आईं। चक मेघसिंहपुर निवासी बलकिशा पत्नी अनवर शाह ने 9 अक्टूबर को राजकीय उप जिला चिकित्सालय, नोहर में बेटे को जन्म दिया। खास बात यह है कि गर्भधारण के लिए IVF तकनीक का सहारा नहीं लिया गया, बल्कि नसबंदी के बाद ट्यूबल रिकैनलाइजेशन प्रक्रिया और इंफर्टिलिटी के उपचार से उन्हें यह खुशी मिली।
परिवार के अनुसार, बलकिशा को पहले चार बच्चे हुए थे। इनमें से तीन बेटों का अलग-अलग उम्र में निधन हो गया। बड़े बेटे की करीब तीन साल पहले 20 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा महिला को दो बार गर्भपात का सामना भी करना पड़ा। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने पहले नसबंदी करवा ली थी। बाद में परिवार में संतान की इच्छा फिर जगी, लेकिन उम्र और पहले की परिस्थितियों के कारण यह सफर आसान नहीं रहा।
परिवार ने कई जगहों और बड़े शहरों में इलाज करवाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब 18 माह पहले बलकिशा ने नोहर के राजकीय उप जिला चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. हंसराज शर्मा से संपर्क किया। जांच और परामर्श के बाद उनकी ट्यूबल रिकैनलाइजेशन प्रक्रिया की गई। इसके बाद डॉ. शर्मा की देखरेख में इंफर्टिलिटी का उपचार शुरू हुआ। नियमित परामर्श और फॉलोअप के बाद बलकिशा गर्भवती हुईं।
बिना IVF के गर्भधारण, अस्पताल में बेटे का जन्म
लंबे इंतजार के बाद 9 अक्टूबर को बलकिशा ने बेटे को जन्म दिया। अस्पताल के अनुसार, यह मामला नसबंदी के बाद ट्यूबल रिकैनलाइजेशन और आगे चले उपचार के जरिए गर्भधारण का है। इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. हंसराज शर्मा के निर्देशन के साथ चिकित्सा एवं नर्सिंग टीम का सहयोग रहा।
परिवार के लिए यह केवल बच्चे का जन्म नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, उम्मीद और भावनात्मक पीड़ा के बाद मिली बड़ी खुशी है। बलकिशा की कहानी बताती है कि कुछ परिस्थितियों में उचित चिकित्सकीय जांच, विशेषज्ञ की सलाह और निरंतर उपचार से संतान की उम्मीद फिर से जाग सकती है। हालांकि, ऐसे उपचार की सफलता हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

