नोहर,30 दिसम्बर। नियमों व दायरे में आने वाले किसी भी किसान को फसल बीमा क्लेम से वंचित नही रहने दिया जाएगा। पूरे राजस्थान में नोहर-भादरा क्षेत्र के किसानों को सर्वाधिक मुआवजा मिला है। यह बात राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने एक दिवसीय दौरे के दौरान यहां कृषि अधिकारियों की बैठक में कही। इस मौके पर मंत्री ने फसल बीमा क्लेम कई मामलों में आ रही दिक्कतों के संबंध में अधिकारियों से सवाल-जबाव किये। उन्होंने अधिकारियों से इस संबंध में सम्पूर्ण पत्रावली लेकर जयपुर उच्च अधिकारियों से मिलने के निर्देश दिये। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फसल बीमा क्लेम के संबंध में किसान को किसी प्रकार कि दिक्कत न आये इसके लिए सजग होकर त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश दिये। इस मौके पर विधायक अमित चाचाण ने बकाया फसल बीमा क्लेम के संबंध में अवगत कराया। इस मौके पर कृषि अधिकारियों ने बताया कि रबी 2019 में नोहर-रावतसर के 166 गांवों के 2 हजार 600 किसानों का क्लेम बकाया है। इन गांवों में ओलावृष्टि के बाद किसानों द्वारा मुआवजे के लिये प्रार्थना पत्र दिये गये थे। ओलावृष्टि के उपरांत नुकसान का आंकलन कर बीमा कम्पनी को भिजवाया जा चुका है। बीमा कम्पनी द्वारा इस संबंध में प्रार्थना पत्रों कि जांच का कार्य किया जा रहा है। जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। जिसके बाद किसानों को मुआवजा मिल सकेगा। इस मौके पर संयुक्त निदेशक कृषि गुगनराम मटोरिया, उप निदेशक कृषि दानाराम गोदारा, सहायक उप निदेशक बलवीर सुथार सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
दिन में भी विधुत आपूर्ति देने की मांग
विधायक अमित चाचाण ने कृषि मंत्री के समक्ष किसानों को रात की बजाय दिन में विधुत आपूर्ति देने की मांग रखी। विधायक ने बताया कि सर्दी के मौसम में रात को विधुत आपूर्ति से किसानों को भारी दिक्कत होती है। जिस पर मंत्री ने मौके पर विधुत विभाग के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

